इंदौर के बड़े अस्पताल के रूप में पहचाने जाने वाले एमवाय अस्पताल के दिन फिरने वाले हैं। एमवाय अस्पताल सहित पूरे परिसर और सुपर स्पेशलिटी में आधुनिक सुविधाएं जुटाई जाएंगी। एमवाय से जुड़े प्रोजेक्ट्स की जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दी गई है जिसमें 300 बिस्तरों की धर्मशाला शामिल है। इससे अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को राहत मिलेगी क्योंकि अधिकांश गरीब वर्ग के लोग ही यहां इलाज के लिए आते हैं और उनके सामने ठहरने का बड़ा संकट होता है।
मप्र के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात कर उन्हें एमवाय अस्पताल से संबंधित प्रोजेक्ट की जानकारी दी। अनुरोध भी किया कि नए कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन के लिए वे आएं। पहले चरण में 10 ऑपरेशन थिएटर को मॉड्यूलर थिएटर में तब्दील किया जाएगा, जिस पर 7 करीब करोड़ रुपये खर्च होंगे। मानसिक चिकित्सालय के लिए भी 33 करोड़ रुपये की राशि शासन ने स्वीकृत की थी, जिस पर भवन निर्माण पर 22 करोड़ रुपये और अन्य सामग्री पर राशि खर्च होना है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले एमबीबीएस और पीजी छात्रों के ठहरने के लिए 268 बेड की क्षमता वाले दो नए हॉस्टल भी बनवाए जा रहे हैं। परिसर में ही स्थित कैंसर अस्पताल में लीनियर एकसीलरेटर सीटी मशीन एसटीआर ब्रेंकी थैरेपी सहित अन्य मशीनों की स्थापना पर 45 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई है। मेडिकल कॉलेज और एमवाय अस्पताल में नया ईटीपी और एसटीपी संयंत्र भी वाटर रिसाइक्लिंग के लिए लगेगा और एमआरटीबी अस्पताल को भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपा गया, जिसमें 150 बेड बढ़ाने के साथ तीन नए ऑपरेशन थिएटर भी बनाए जाना है।
शवों को रखने के लिए बनाया कोल्ड चैंबर
सरकार ने रात में भी पोस्टमार्टम करने की अनुमति हाल ही में दी है। एमवाय में सबसे ज्यादा पोस्टमार्टम होते हैं। यहां पर वातानुकुलित मुर्दाघर बनाया जाएगा जिसका लोकार्पण किया जाना है। अब तक 16 शव रखे जाते थे लेकिन अब 38 शव रखे जा सकेंगे। शवों को रखने के लिए कोल्ड चैम्बर बनाया गया है, जो हाईड्रोलिक मर्च्युरी डेड बॉडी लिफ्टर ट्रॉली के साथ है। हर रैक में चार शव रखे जा सकते हैं। साथ ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध नए सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में नया कैथलैब भी लोकार्पण का इंतजार कर रहा है। इसमें अत्याधुनिक मशीने हैं। पुराने इमरजेंसी व ट्रामा सेंटर को तोडक़र नए आधुनिक ट्रामा सेंटर और इमरजेंसी विभाग का शिलान्यास भी प्रस्तावित है। 42 करोड़ रुपये की लागत से 5 मंजिला नया ट्रामा सेंटर बनेगा, जिसमें 6 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर के साथ 250 बिस्तरों की क्षमता भी रहेगी और 80 बिस्तरों का एक डे-केयर यूनिट और इम्युनाइजेशन क्लिनिक भी बनाया जाएगा। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी भी होगी, जिसके लिए रोबोटिक आर्म खरीदी जाएगी। इसकी लागत करीब 25 करोड़ रुपये है।