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Datia By Election 2026: एमपी की पहली ट्रांसजेंडर सरकारी कर्मचारी अब चुनावी मैदान में, दतिया से भरा पर्चा

Fri, 17 Jul 2026 01:32 PM IST
दतिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया

सार

दतिया विधानसभा उपचुनाव में इस बार ट्रांसजेंडर समाज की भागीदारी भी चर्चा में है। मध्य प्रदेश की पहली ट्रांसजेंडर सरकारी कर्मचारी रह चुकीं महामंडलेश्वर संजना सिंह उर्फ संजना नंद गिरि ने नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में उतर चुकी हैं।
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संजना सिंह।
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विस्तार
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दतिया विधानसभा उपचुनाव इस बार सिर्फ सियासी दलों की साख की लड़ाई नहीं रहा। यह चुनाव किन्नर समाज के लिए प्रतिनिधित्व और सम्मान की नई इबारत भी लिखता दिख रहा है। भोपाल की महामंडलेश्वर संजना सिंह उर्फ संजना नंद गिरि ने नामांकन दाखिल कर मैदान में कदम रख दिया है।
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संजना का नाम प्रदेश के इतिहास में पहले से दर्ज है। वे मध्यप्रदेश की पहली ट्रांसजेंडर सरकारी कर्मचारी रहीं। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग में सेवाएं देने के साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन और राज्य निर्वाचन आयोग की स्टेट आइकॉन के रूप में भी काम किया। लेकिन करीब दो साल पहले उन्होंने कुर्सी छोड़ दी। सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर किन्नर अखाड़े से जुड़ीं और महामंडलेश्वर की उपाधि हासिल की। अब उसी संत वेश में वे जनता के बीच वोट मांग रही हैं।

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दतिया की गलियों में संजना का संदेश सीधा है। प्रचार के दौरान वे लोगों से कह रही हैं, मेरा न कोई परिवार है, न कोई वारिस बनेगा। इसलिए न मुझे बंगला चाहिए, न ठेका। मेरा मकसद सिर्फ समाज की सेवा है। उनका तर्क है कि जब प्रतिनिधि का कोई निजी स्वार्थ नहीं होता, तो वह निष्पक्ष होकर फैसले ले सकता है। संजना का मानना है कि किन्नर समाज को अब तक सिर्फ वोट बैंक समझा गया, लेकिन नीति बनाने की टेबल पर जगह नहीं मिली। वे इसी सोच को बदलने आई हैं।
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जानें क्या-क्या दावा किया?
संजना ने दावा किया कि दतिया में उनके प्रचार के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से किन्नर समुदाय और विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत पहुंचेंगे। उनका कहना है कि यह चुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि पूरे समाज की राजनीतिक भागीदारी का प्रतीक बनेगा। 
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