फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दतिया: न मुआवजे की बड़ी रकम, न कानूनी लड़ाई; लोक अदालत में महज एक रुपये में हुआ सड़क हादसे के क्लेम का समझौता

Sun, 13 Sep 2026 02:10 PM IST
दतिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया

सार

दतिया की लोक अदालत में सड़क हादसे से जुड़े एक क्लेम प्रकरण का महज एक रुपये की प्रतीकात्मक राशि पर समझौता हुआ। शनिवार को 20 खंडपीठों में आयोजित लोक अदालत में 931 लंबित और 122 प्री-लिटिगेशन मामलों का निराकरण किया गया। 
विज्ञापन
एक रुपये में निपटा एक्सीडेंट का विवाद - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

न्यायालयों में लंबे समय तक चलने वाले विवादों के बीच दतिया में आयोजित लोक अदालत ने समझौते और आपसी सहमति की एक अनोखी मिसाल पेश की। शनिवार को सड़क हादसे से जुड़े एक क्लेम प्रकरण में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से महज एक रुपये की राशि पर राजीनामा कर लिया। इसे दतिया में लोक अदालत के इतिहास में अपनी तरह का पहला समझौता बताया जा रहा है। इस मामले ने यह संदेश भी दिया कि विवाद का समाधान हमेशा बड़ी आर्थिक राशि से ही नहीं, बल्कि पक्षकारों की सहमति और समझदारी से भी संभव है।
विज्ञापन


नवंबर 2023 के सड़क हादसे से जुड़ा था मामला
मामला नवंबर 2023 में हुए सड़क हादसे से जुड़ा था। 14 नवंबर 2023 को रिछरा तिराहा के पास दो मोटरसाइकिलों की टक्कर हो गई थी। दुर्घटना में अरविंद पाल की मौत हो गई, जबकि दूसरी बाइक पर सवार राजू कुशवाहा घायल हो गया था। हादसे के बाद राजू कुशवाहा की ओर से अरविंद पाल की पत्नी पूजा पाल के विरुद्ध मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण प्रस्तुत किया गया था।

समझाइश के बाद एक रुपये में हुआ राजीनामा
यह मामला शनिवार को आयोजित लोक अदालत में सुनवाई के लिए आया। प्रकरण के दौरान दोनों पक्षों को आपसी सहमति के आधार पर विवाद समाप्त करने के लिए समझाइश दी गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्र तथा अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की सविता जड़िया की मौजूदगी में पक्षकारों के बीच चर्चा हुई। समझाइश के बाद दोनों पक्ष समझौते के लिए तैयार हो गए और अंततः महज एक रुपये की राशि पर राजीनामा तय किया गया। लोक अदालत में हुआ यह समझौता इसलिए भी खास रहा, क्योंकि सामान्य तौर पर मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों में मुआवजे की राशि को लेकर पक्षकारों के बीच लंबी कानूनी प्रक्रिया चलती है। ऐसे में एक रुपये की प्रतीकात्मक राशि पर विवाद का पटाक्षेप होना चर्चा का विषय बन गया। न्यायिक प्रक्रिया में लोक अदालत की भूमिका केवल मामलों का निपटारा करना नहीं, बल्कि पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद खत्म करने का अवसर देना भी है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  पन्ना: मझगांय बांध में बढ़ता पानी, विस्थापितों के सब्र का बांध टूटा; चिता जलाकर उठाई हक की आवाज

20 खंडपीठों में हुआ लोक अदालत का आयोजन
शनिवार को दतिया जिला एवं तहसील स्तर पर गठित 20 खंडपीठों में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इनमें लंबित मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को भी शामिल किया गया। पूरे जिले में 931 लंबित मामलों और 122 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस दौरान विभिन्न मामलों में पक्षकारों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त किए।
विज्ञापन


26 मोटर दुर्घटना क्लेम मामलों में 2.14 करोड़ से अधिक का समझौता
मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों में भी लोक अदालत का प्रभाव देखने को मिला। कुल 26 मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरणों में 2.14 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता राशि तय हुई। वहीं, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत चेक बाउंस से संबंधित 90 मामलों में 2.52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पर समझौता हुआ। लोक अदालत के आंकड़े बताते हैं कि एक ही दिन में बड़ी संख्या में प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण हुआ। वहीं, एक रुपये के राजीनामे ने पूरे आयोजन को अलग पहचान दे दी।

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें