कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को विश्व प्रसिद्ध तांत्रिक शक्तिपीठ पीतांबरा पीठ मंदिर में देव दिवाली मनाई गई और मंदिर परिसर में हरिद्रा सरोवर एवं पूरे मंदिर में दीप दान कर सजाया गया। श्रद्धालु एवं भक्तों ने देव दिवाली मनाते हुए मां पीतांबरा एवं मां धूमावती तथा वनखंडेश्वर महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
सनातन धर्म एवं धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के 15 दिन पूर्व बड़ी दीपावली मनाई जाती है। इसके पश्चात कार्तिक मास की पूर्णिमा पर देवी देवताओं के स्थान पर दीप जलाकर देव दिवाली मनाई जाती है। कहा जाता है कि देव दिवाली के दिन सभी देवी देवता मंदिर पर पहुंचते हैं और जो भी व्यक्ति मंदिर में दीपदान एवं दीप जलाता है तो उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिससे उन्हें सुख समृद्धि एवं जीवन में सफलता के अवसर बने रहते हैं।
बता दें कि दतिया के प्रसिद्ध शक्ति तांत्रिक पीठ पीतांबरा मंदिर में अयोध्या मंदिर की तरह ही कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देव दिवाली मनाई जाती है और यहां हजारों दीपों का दान किया जाता है। जिससे पूरा मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठता है और कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में लाइट बंद कर दी जाती है। जिससे यह नजारा और भी आकर्षक बन जाता है। जिसे निहारने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं और मां के दर्शन कर पूजा अर्चना करते हैं।