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वर्दी वाले को भी नहीं छोड़ा: बिना ओटीपी आरक्षक के खाते से 36 हजार उड़ाए, तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान

Wed, 12 Aug 2026 04:19 PM IST
दतिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया

सार

दतिया में साइबर ठगों ने भिंड में पदस्थ आरक्षक विकास सिंह पवैया के बैंक खाते से बिना ओटीपी 36 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है। यूपीआई आईडी, बैंक खाते और मोबाइल की फोरेंसिक जांच की जा रही है।

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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दतिया जिले के सिटी कोतवाली क्षेत्र में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार ठगों ने भिंड के रावतपुरा थाने में पदस्थ एक आरक्षक को निशाना बनाया। आरक्षक चालक विकास सिंह पवैया के बैंक खाते से बिना उनकी अनुमति और बिना ओटीपी के 36 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, 29वीं वाहिनी विसबल, दतिया निवासी 37 वर्षीय विकास सिंह पवैया मूल रूप से भिंड जिले के रावतपुरा थाने में पदस्थ हैं। 2 अगस्त को वह अपनी बेटी का इलाज कराने दतिया की बुंदेला कॉलोनी स्थित डॉ. प्रदीप उपाध्याय के क्लिनिक पहुंचे थे। दोपहर करीब 3:59 बजे उन्होंने फोनपे ऐप पर बैंक बैलेंस चेक किया तो खाते से 36 हजार रुपये कम मिले। इसके बाद उन्होंने ट्रांजेक्शन हिस्ट्री देखी, जिसमें 36 हजार रुपये एक यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर होना दर्ज था। संबंधित खाते का नाम असदुल अली बताया जा रहा है।

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने न तो किसी को ओटीपी बताया, न कोई पेमेंट किया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया। उन्हें आशंका है कि उनके मोबाइल को किसी मैलवेयर या रिमोट एक्सेस के जरिए हैक कर ठगी की गई।

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पुलिस ने क्या किया?

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शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस उस यूपीआई आईडी और संबंधित बैंक खाते की केवाईसी जानकारी जुटा रही है। साथ ही विकास सिंह के मोबाइल की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फोन में कोई संदिग्ध ऐप या मैलवेयर तो मौजूद नहीं था। बैंक से ट्रांजेक्शन का समय, आईपी एड्रेस और इस्तेमाल किए गए डिवाइस का विवरण भी मांगा गया है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, फर्जी केवाईसी अपडेट या लॉटरी संबंधी संदेशों पर क्लिक न करें। मोबाइल में केवल विश्वसनीय ऐप ही रखें, नियमित रूप से बैंक बैलेंस जांचते रहें और किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन और संबंधित बैंक को सूचना दें। विकास सिंह ने खाते से निकाली गई राशि वापस दिलाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जिस खाते में रकम भेजी गई है, उसे फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

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