दमोह जिले में बटियागढ़ ब्लॉक के हरदुआ जामसा गांव में दूषित पानी पीने से 200 से अधिक ग्रामीण बीमार हो गए हैं। इनका इलाज बटियागड़ स्वास्थ्य केंद्र सहित जिला अस्पताल में चल रहा है। सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पीएचई विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाल लिया है। बारिश का मौसम आते ही दूषित पानी पीने के बाद उल्टी-दस्त की बीमारी का प्रकोप शुरू हो जाता है।
बताया जाता है कि मंगलवार दोपहर अचानक लोगों को उल्टी दस्त होने लगे। पहले एक, दो लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। उसके बाद गांव में एक के बाद एक कई लोग प्रभावित होने लगे। हालात इतने बिगड़ गए कि देखते ही देख गांव में 200 से अधिक ग्रामीण डायरिया की चपेट में आ गए। ग्रामीणों ने मामले की सूचना स्वास्थ्य केंद्र को दी तो अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों का इलाज शुरू किया गया और जिन ग्रामीणों की हालत गंभीर थी, उन्हें इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही जिला अस्पताल रेफर किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कुएं का पानी पीने के बाद हालत बिगड़ी है। पीएचई विभाग की टीम ने पानी में छिड़काव भी शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है, नाली में गंदा पानी भरा है। जो कुएं के अलावा लोगों के घरों में खुदे बोर में जा रहा है।
बटियागढ़ बीएमओ डॉक्टर श्रवण पटेल ने बताया कि हरदुआ जामसा गांव में उल्टी-दस्त से 200 से अधिक ग्रामीण बीमार हुए हैं, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। उल्टी-दस्त का कारण गांव में फैली गंदगी है। दूषित पानी से लोग बीमार हुए हैं। मुख्य कारण नालियों का चोक होना और नाली से पूरे गांव गंदगी फैली हुई है।
यह हुए बीमार
लक्ष्मी पति खलक सिंह, खलक सिंह पिता खिलान सिंह, अभिराज पिता कालू सिंह, सुखबाई पति भीम, कल्पना पिता घुप्पू, चिन्नू पिता लच्छू, सुनकू पिता रापू, महारानी बाई, महेंद्र पिता रमेश सिंह, कोसा बाई, तिरलोक लोधी, अभिजीत और राजकुमार शामिल हैं। कई ग्रामीण हटा सिविल अस्पताल में भी इलाजरत हैं।