दमोह जिले में इस वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन लाडली बहनों की अपेक्षा पुरुषों ने सर्वाधिक मतदान किया है। यदि महिलाओं ने 63 प्रतिशत मतदान किया तो पुरुषों ने 75 प्रतिशत मतदान किया। अब यह किसके पक्ष में जाता है, यह मतगणना के बाद ही पता चलेगा।
पिछले विधानसभा चुनावों में यह रहा आंकड़ा
वर्ष 2003 में 63 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया था, जबकि 75 प्रतिशत पुरुषों ने अपने मतदान के अधिकार का उपयोग किया। इस विधानसभा चुनाव में जिले में मात्र 69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने वोट डाले थे, जबकि 31 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट नहीं किया।
पहले ये रहे आंकड़े
वर्ष 2008 के चुनाव में 68.06 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले, जबकि 31.94 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट नहीं डाले। 2013 के चुनाव में जिले के 8 लाख 10 हजार 720 मतदाताओं में से 5 लाख 74 हजार 838 मतदाताओं ने वोट डाले। इनमें से 3 लाख 18 हजार 57 पुरुष और 2 लाख 56 हजार 781 महिला मतदाता शामिल थीं। इस चुनाव में 73.72 प्रतिशत पुरुषों ने मतदान किया, जबकि महिलाओं ने 67.70 प्रतिशत मतदान किया था।
2018 में 73.89 प्रतिशत रहा था
वर्ष 2018 के विधानसभा में जहां 895150 मतदाताओं में से 661489 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इसमें 355896 पुरूष और 305593 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इस वर्ष के चुनाव में जिले का प्रतिशत 73.89 रहा था, जोकि वर्ष 2013 की तुलना में 3.80 प्रतिशत अधिक रहा।
वर्ष 2018 की तुलना में 3.11 प्रतिशत अधिक मतदान
वर्ष 2023 के चुनाव में 9 लाख 68091 मतदाताओं में से 7 लाख 45475 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें 502954 पुरुषों में से 3 लाख 93060 पुरुषों ने मतदान किया, जबकि 4 लाख 65137 महिला मतदाताओं में से 3 लाख 52415 महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार जिले का औसत मतदान 77 प्रतिशत रहा, जोकि वर्ष 2018 की तुलना में 3.11 प्रतिशत अधिक रहा। इस मतदान के प्रतिशत से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लाडली बहनों ने अपेक्षाकृत उतना अधिक मतदान नहीं किया। जिस प्रकार की उम्मीद लगाई जा रही थी, जबकि पुरुषों ने मतदान में बढ़ चढ़कर अपनी सहभागिता निभाई और इस प्रकार से पिछले वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ गया।
सुबह 7 से शाम 6 बजे तक हुआ मतदान
मतदान प्रतिशत बड़ने का एक कारण यह भी रहा कि इस बार के चुनाव में मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक संपन्न कराया गया। वहीं, पूर्व के चुनाव में मतदान सुबह 8 बजे से 5 तक संपन्न कराया जाता था। 2 घंटे के समय बढ़ाने से भी मतदान के प्रति लोगों में उत्साह बड़ा है। यह बात भी जरूरी है कि मतदाताओं का प्रतिशत जब-जब बढ़ा है तब-तब चौंकाने वाले परिणाम आए हैं।