फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Damoh: दमोह का घंटाघर 70 के दशक में था चुनावी रणनीति का केंद्र, यहीं से मिली सीमेंट फैक्ट्री, सिंचाई परियोजना

Fri, 06 Oct 2023 02:58 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

Damoh News: दमोह क्षेत्र में बेरोजगारी और सिंचाई के साधन न होने पर गौतम बिलवार ने युवाओं को एकत्रित किया और घंटाघर चौराहा पर धरना देकर चुनाव के बीच दलों के सामने बेरोजगारी दूर करने के लिए सीमेंट फैक्ट्री की मांग रखी थी।
विज्ञापन
दमोह का घंटाघर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दमोह शहर का घंटाघर चौराहा यहां 70 के दशक में यह स्थान चुनावी मुद्दों की रणनीति बनाने में अहम था। यहां पर चनाव आने से पहले संगठन अपनी मांगों का मसौदा तैयार करते थे और राजनीतिक दल उन्हें पूरा करने पर सहमति देते थे। ऐसा करने पर संगठन चुनाव में दलों का समर्थन करते थे और प्रत्याशी की जीत होने पर किया वादा निभाते थे।
विज्ञापन




कुछ इसी तरह की स्थिति 1973 में बनी। दमोह क्षेत्र में बेरोजगारी और सिंचाई के साधन न होने पर गौतम बिलवार ने युवाओं को एकत्रित किया और घंटाघर चौराहा पर धरना देकर चुनाव के बीच दलों के सामने बेरोजगारी दूर करने के लिए सीमेंट फैक्ट्री और किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए बटियागढ़ के केरबना के पास पंचम नगर मध्यम सिंचाई परियोजना की मांग रखी। बेरोजगार युवा संघ बनाकर धरना दिया। इस बीच तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरी के बेटे दमोह से लोकसभा चुनाव लड़ने आए थे तो उनके सामने ये मुद्दे रखे। गिरी ने इस बात को स्वीकार किया। जीतने के बाद गिरी के आग्रह पर बिरला समूह ने नरसिंहगढ़ में सीमेंट फैक्ट्री के रूप में पहला उद्योग स्थापित किया। कुछ इसी तरह की कहानी पंचम नगर सिंचाई परियोजना की है। राव खेत सिंह, प्रभू नारायण टंडन, केबीएल गुरु और रघुवर प्रसाद ने इसे पहले मुद्दा बनाया और फिर इस परियोजना को पूरा करने के लिए भोपाल के कई चक्कर लगाए। तब मंजूरी मिल पाई।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें