मध्यप्रदेश के दमोह में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक जीवित महिला को कागजों में मृत बता दिया गया, जब पति अधिकारियों के सामने पत्नी को लेकर पहुंचा को कहा गया कि किसकी पत्नी को ले आए। पूरे मामले में प्रथमदृष्टया दमोह नगर पालिका के अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है।
जानकारी के अनुसार दमोह शहर के बजरिया वार्ड एक में रहने वाली सुमित रानी राठौर 450 रुपये में मिलने वाली गैस का आवेदन करने मानस भवन पहुंची थी, लेकिन उसे बताया गया कि नई समग्र आईडी में उसका नाम नहीं है, क्योंकि वह तो मृत हो चुकी है। इसके बाद वह नगर पालिका कार्यालय पहुंची, लेकिन उसका नाम नहीं जुड़ा। सुमत रानी ने बताया कि पति दयाचंद राठौर जब पत्नी को साथ लेकर नगर पालिका पहुंचा तो अधिकारियों ने यह कह दिया कि यह किसकी महिला को साथ ले आए। अब महिला बहुत परेशान है, क्योंकि वह जिंदा है और कागज में मृत बताने से उसे शासन की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा।
महिला ने बताया कि वह कुछ समय के लिए मथुरा वृंदावन काम के सिलसिले में गई थी और इसी दौरान उनका नाम समग्र आईडी से काटा गया होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि उनकी बहन की मौत हुई है और उसका नाम आज भी समग्र आईडी में दर्ज है और वह जिंदा है इसके बाद भी उसे मृत बताकर नाम काट दिया गया। इस संबंध में दमोह एसडीएम और प्रभारी नगर पालिका सीएमओ आरएल बागरी से बात करनी चाही तो उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।