करंट लगने से हेल्पर की हुई मौत
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दमोह जिले के कनोरा रामनगर गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां बिजली सुधार कार्य करते समय करंट लगने से एक बिजली हेल्पर की ट्रांसफार्मर पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर गुस्साए परिजनों ने मुख्य सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया जो करीब पांच घंटे चला।
इधर, अधिकारी लगातार परिजनों को समझाइश देते रहे। लेकिन वह कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। कलेक्टर के चुनाव में व्यस्त होने के कारण स्थानीय अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और मुआवजे के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग पूरी करने का आश्वासन देने के बाद यह धरना प्रदर्शन खत्म हुआ और मृतक का अंतिम संस्कार हुआ।
हटा-बटियागढ़ मार्ग पांच घंटे रहा बंद
बता दें कि सुबह 9 बजे मृतक मोहन पटेल निवासी खेराकुआं का पुलिस के द्वारा बटियागढ़ में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजनों ने हटा-बटियागढ़ मार्ग पर सगरोन गांव में शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उनके साथ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण भी थे। परिजनों की मांग थी कि मृतक के परिवार को मुआवजा राशि दी जाए। इसके साथ ही परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। सूचना मिलते ही एसडीएम पथरिया निखत चौरसिया, एसडीओपी पथरिया और मगरोन थाना प्रभारी शिवनारायण यादव, बटियागढ़ थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी के साथ बिजली विभाग के अधिकारी भी पहुंचे।
करंट से ट्रांसफार्मर पर ही हो गई थी मौत
बता दें कि कनोरा रामनगर में हेल्पर मोहन पटेल शनिवार की दोपहर ट्रांसफार्मर पर चढ़कर बिजली सुधार कार्य कर रहा था। तभी अचानक उसे करंट लग गया और मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मगरोन थाना प्रभारी को लगी तो पुलिस मौके पर पहुंची। इस मामले में यह बात सामने आई कि लाइनमैन हमीद खान के द्वारा मोहन पिता कन्हैया पटेल को काम करने के लिए लगाया गया था और वह पिछले 20 वर्षों से बिजली सुधार का काम करता था। जिसके बदले लाइनमैन के द्वारा हर महीने पैसे दिए जाते थे। दो दिन पूर्व ही लाइनमैन के कहने पर ग्राम कनौरा के जले हुए ट्रांसफार्मर को बदला गया था जिसे चालू करने के लिए शनिवार को मोहन गया हुआ था। जैसे ही बिजली ट्रांसफार्मर को चालू किया गया वह करेंट की चपेट में आ गया और उसी ट्रांसफार्मर में चिपक कर उसकी मौत हो गई।