फसल और बुवाई बर्बाद होने से किसान परेशान
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मध्य प्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में आने वाले बैलढाना गांव के दर्जनों किसानों के खेत में नहर का पानी भरने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। यहां पर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने बिना किसी जानकारी के तालाब की नहर खोल दी। नहरों में कचरा जमा हुआ था इसलिए नहरों का पानी ऊपर से होकर सीधे खेतों में पहुंच गया। इस जलभराव के कारण किसानों द्वारा खेतों में की गई बुवाई अब खराब हो जाएगी और उनका अनाज भी बर्बाद हो जाएगा। नहर का पानी तालाब में भरने की खबर कर्मचारियों को मिली तो उन्होंने नहर को बंद कर दिया। लेकिन तब तक काफी खेतों में पानी भर चुका था।
तालाब से पांजी तक जाती है नहर
तालाब बैलढाना रैयत गांव में बना है और नहर पांजी गांव तक बनाई गई हैं। किसान सूरज केवट ने बताया कि रैयत में बने तालाब से जो नहर गई हैं, उनमें काफी कचरा जमा है। पानी की निकासी नहीं होती है। उसी तालाब से पानी छोड़ा गया है, जिसके कारण ये हालत बने हैं।
किसान कमल केवट ने बताया कि नहरें क्षतिग्रस्त हैं और कचरे से भरी हुई हैं। पानी की निकासी होती नहीं हैं। उसके बाद भी पानी पहुंचाने के लिए तालाब का पानी छोड़ा गया और पानी आगे नहीं जाकर नहरों के ऊपर से खेतों में भर गया, जिसके कारण खेत जलमग्न हो गए।
बुवाई और फसल नष्ट होने की कगार पर
किसान लोकराम केवट ने बताया कि तेज बहाव होने और नहरों से निकासी न होने के कारण तालाब का पानी खेतों में भर गया है और खेत जलमग्न हो गए हैं। ऐसी स्थिति में उनमें लगी फसल पूरी तरह खराब होने की कगार पर पहुंच गई है।
किसान हलवा केवट और किसान गणेश केवट ने बताया कि गेहूं की फसल लगाई थी जो काफी छोटी थी। लेकिन तेज बहाव से पानी खेतों में पहुंचा और खेत जलमग्न हो गए। ऐसी स्थिति में जो फसल उग रही थी, वह पूरी तरह नष्ट हो गई।
वहीं, जल संसाधन विभाग के एसडीओ राहुल जैन का कहना है कि पानी किसानों की मांग पर ही छोड़ा जाता है। नहरों की कहीं-कहीं साफ-सफाई चल रही है। अगर किसानों के खेतों में पानी भर गया है तो पता करेंगे किसकी लापरवाही से हुआ है।