Damoh: करीब 50 ग्रामीण एसडीओपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि चोरी की घटना की जांच करना पुलिस का काम है, लेकिन शराब के नशे में मारपीट करना और महिलाओं से अभद्रता करना अनुचित है।
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के ओरियामाल गांव में पुलिस पर एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करने और महिलाओं व नाबालिग बच्चियों से अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। गुरुवार को गांव के ग्रामीणों ने एसडीओपी और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
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क्या है मामला?
चार दिन पहले ओरियामाल गांव की एक महिला के घर चोरी की घटना हुई थी, जिसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। जांच के सिलसिले में पुलिस गांव पहुंची और संदेह के आधार पर एक युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने नशे की हालत में युवक को बुरी तरह पीटा, जिससे उसका हाथ भी टूट गया।
महिलाओं और नाबालिगों से बदसलूकी का आरोप
घटना के वक्त गांव की कई महिलाएं और नाबालिग बच्चियां भी मौजूद थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ गाली-गलौज की बल्कि महिलाओं के साथ अभद्रता भी की। रामसखी आदिवासी और रक्षा आदिवासी ने बताया कि गोरेलाल नामक युवक को पुलिस ने लाठियों से बेरहमी से पीटा और वहां मौजूद महिलाओं को भी गंदी-गंदी गालियां दीं।
ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
गुरुवार को करीब 50 ग्रामीण एसडीओपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि चोरी की घटना की जांच करना पुलिस का काम है, लेकिन शराब के नशे में मारपीट करना और महिलाओं से अभद्रता करना अनुचित है। घनश्याम आदिवासी, तुलसीराम गौड़ और गिरन गौड़ ने बताया कि पूरा गांव इस बात का गवाह है कि गोरेलाल निर्दोष है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर पुलिस ही कानून तोड़ेगी, तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाएगी?
प्रशासन ने दिया आश्वासन
एसडीओपी डीएस ठाकुर ने ग्रामीणों को मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। वहीं, तेंदूखेड़ा तहसीलदार विवेक व्यास ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी एसडीएम और कलेक्टर को दी जाएगी, और दोषी पुलिसकर्मियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।