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Damoh: सिंगपुर गांव में कुम्हार समाज का हुक्का, पानी बंद, सेन समाज ने कहा कुर्सी पर बैठाकर नहीं काटेंगे बाल

Mon, 11 Sep 2023 11:25 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

Damoh News: दमोह के सिंगपुर में कुम्हार समाज का हुक्का पानी बंद करने का मामला सामने आया है। यहां कुम्हार समाज के लोगों को दुकानदार सामान तक नहीं दे रहे हैं। वहीं सेन समाज का कहना है कि वे कुर्सी पर बैठाकर बाल नहीं काटेंगे। 
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दोनों पक्षों के लोगों को समझाने पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह जिले के जबेरा थाना क्षेत्र के सिंगपुर गांव में कुम्हार समाज के लोगों का हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुनाया गया है। पीड़ित समाज को गांव की दुकानों से राशन सामग्री तक देना बंद करा दिया गया है। इस मामले को लेकर बीएसपी के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने मप्र सरकार की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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समाज के लोगों ने सुनाई आपबीती
सिंगपुर गांव  निवासी मिलन चक्रवर्ती और अंकित चक्रवर्ती ने बताया कि हमारे परिवार के लोग बाल कटाने के लिए गए थे। सैलून संचालक ने बाल काटने से मना कर दिया। जब हम लोगों ने इसको लेकर शनिवार रात को गांव वालों की पंचायत बुलाई। पंचायत में पंचों ने भी हमारे ही खिलाफ फरमान सुनाया। पंचायत ने हमारे पूरे कुम्हार समाज के लोगों को गांव से हुक्का, पानी  बंद कर दिया है। अब समाज के लोगों को गांव की किसी भी दुकान से राशन पानी नहीं मिल रहा है। वहीं सेन समाज के लोगों का कहना है कि जमीन पर बैठाकर ही बाल काटेंगे। 

बीएसपी सांसद बोले घटना दुखद
सिंगपुर गांव में हुई घटना पर बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने कहा यह बहुत दुखद घटना है। 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ। संविधान का आर्टिकल 15 यह कहता है कि देश में जाति, धर्म, मत, पंथ के नाम पर कोई भेदभाव नहीं होगा। लेकिन, 73 साल बाद भी यहां मध्यप्रदेश में बीजेपी, कांग्रेस सत्ता में रहीं। संविधान में लिखी बातों पर आज तक अमल नहीं किया। उसी का प्रतिफल आज दमोह में देखने को मिला जब सिंगपुर गांव में कुम्हार समाज के लोगों के साथ इस बात को लेकर विवाद हुआ। जो नाई है उसने कहा कि कुर्सी पर बैठकर समाज के लोगों के बाल नहीं काटेगा। इस बात को लेकर वाद विवाद हुआ। 
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इस बात का कुम्हार समाज के लोगों ने विरोध किया तो फिर गांव के सरपंच और तमाम  लोग इकट्ठे हुए। उन्होंने तुगलकी फरमान जारी कर दिया कि कुम्हार समाज के लोगों को कोई भी जरूरी सामान नहीं दिया जाएगा। रविवार सुबह चक्रवर्ती समाज के लोग दुकानों पर समान खरीदने पहुंचे लेकिन उन्हें पंचायत के फैसले का हवाला देते हुए समान देने से इनकार कर दिया। जिसके बाद समाज के लोगों ने इसके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करना शुरू कर दिए। 

गांव पहुंची पुलिस
हालांकि अभी तक इस मामले में किसी भी पक्ष द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की बात सामने नहीं आई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सिंगपुर गांव पहुंचकर दोनो पक्षों में बनाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन इस दौरान पुलिस के समक्ष पीड़ित पक्ष के नहीं आने की वजह से यह मामला का अभी तक पूरा निराकरण या कहे सामंजस्य नहीं बैठ पाया है, लेकिन पुलिस द्वारा सभी पक्षों को सुनकर कार्रवाई की बात कही जा रही है।

इस मामले में सिग्रामपुर चौकी प्रभारी आलोक तिरपुड़े का कहना है कि फिलहाल मामले की शिकायत नहीं आई है, लेकिन अन्य स्रोत से जानकारी मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवाते हुए पुलिस ने मामले को खुद संज्ञान में लिया है और सिंगपुर पहुंचकर दोनों पक्षों से आपसी भाईचारे से रहने की अपील की गई है। यदि शिकायत समाने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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