बारिश होने के बाद किसान फिर अपने खेतों में सिंचाई आदि के काम करने पहुंचने लगे हैं। दमोह में जबेरा थाने के सिंग्रामपुर चौकी अंतर्गत आने वाले कोंड़ा गांव में भी चाचा-भतीजे अपने खेत पर काम करने गए थे। जहां करंट लगने से दोनों की मौत हो गई। शनिवार की शाम तक जब दोनों घर नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की और रात को दोनों के शव खेत में मिले। पुलिस को सूचना दी गई। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किए गए और पुलिस ने मामला जांच में लिया है।
बता दें कि कोंड़ा गांव निवासी प्रशांत पिता श्रीराम आदिवासी 22 साल और उसका भतीजा आशिक पिता अट्टीलाल आदिवासी 13 साल दोनों शनिवार को खेत पर काम करने गए थे। उनके साथ परिवार के और लोग भी थे, जो दोपहर को वापस घर आ गए। लेकिन यह दोनों रात तक वापस नहीं आए, जिससे परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने ग्रामीणों को सूचित कर खोजबीन शुरू की।
घर के लोग जब खेत पर पहुंचे तो दोनों के शव खेत में पड़े थे। यह देख परिजनों के होश उड़ गए और तत्काल सिंग्रामपुर चौकी पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और रविवार की सुबह पोस्टमॉर्टम कराए गए। करंट लगने का कोई कारण नहीं मिल पाया है।
चौकी प्रभारी आलोक तिरपुडे ने बताया कि कोंडा ग्राम निवासी प्रशांत आदिवासी और आशिक आदिवासी खेत में काम करने गए थे, जहां करंट लगने से दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि खेत में पड़ी डोरी में कहीं करंट रहा होगा, जिससे यह दोनों करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को शव सुपुर्द किया और मामला जांच में लिया।