दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक में आने वाले बंदरकोला जलाशय की पाल की मिट्टी लगातार हुई बारिश के कारण धंस गई और एक बहुत बड़ा गड्ढा हो गया। मंगलवार दोपहर कुछ लोगों ने देखा कि तालाब की पाल की मिट्टी धंस गई है और ऐसे में तालाब भी फूट सकता है, जिसके बाद ग्रामीण दहशत में आ गए।
स्थानीय युवाओं ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाली, तब इस बात की जानकारी कलेक्टर सुधीर कोचर को हुई। कलेक्टर के निर्देश पर जबेरा तहसीलदार विवेक व्यास जल संसाधन विभाग के एसडीओ राहुल जैन उपयंत्री मनजीत अहिरवार मौके पहुंचे। उसके बाद जलाशय की पाल के गड्ढे को रेत की बोरियों से भरा। अधिकारियों का कहना है कि गड्ढे में बोरियां भर दी गई हैं। तालाब को कहीं से भी कोई नुकसान होने की संभावना नहीं है। गड्डा होने की खबर सुनते ही गांव के लोगों में भी कुछ दहशत हो गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश में इस जगह हमेशा मिट्टी धंस जाती है और गड्ढा हो जाता है और हर साल इसमें रेत की बोरियां भर दी जाती है। ग्रामीण चाहते हैं कि तालाब की समस्या का स्थाई समाधान किया जाए जो अधिकारियों द्वारा इतने सालों में नहीं किया गया है।
बता दें, करीब 70 साल पुराने बंदरकोला जलाशय के निर्माण के समय से तकनीकी त्रुटि के चलते यह समस्या बनी हुई है। जल संसाधन विभाग के उपयंत्री आरके वर्मा का कहना है, खतरे जैसी कोई बात नहीं है।