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Damoh News: हरदुआ में बकरी चोर गैंग का खौफ, चरवाहे की हत्या कर बकरियां लूटीं, खेत में जाने से डर रहे ग्रामीण

Tue, 17 Sep 2024 03:22 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा और जबलपुर जिले की बॉर्डर पर बकरी चोर गैंग सक्रिय है, जिससे स्थानीय लोग अपनी बकरियां जंगल में ले जाने से डरने लगे हैं। हाल ही में हरदुआ गांव के जंगल में बकरी चराने गए 55 वर्षीय आदिवासी चरवाहा रघुनाथ मरावी की हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद से इलाके के बकरी पालक भयभीत हैं और बकरियां जंगल में ले जाने से डर रहे हैं।

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जंगल में छानबीन में जुटी पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक और जबलपुर जिले की बॉर्डर में बकरी चोर गैंग सक्रिय है, जिससे लोग अपनी बकरियां जंगल में ले जाने से डर रहे हैं। दो दिन पहले किसी अज्ञात आरोपी ने दमोह और जबलपुर जिले की बॉर्डर पर हरदुआ गांव के जंगल में बकरी चराने गए चरवाहे की हत्या कर उसके हांथ, पैर बांधकर शव को जंगल में ही फेक दिया सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को जांच में लिया। घटनास्थल जबलपुर जिले का पाटन थाना लग रहा है। इस घटना के बाद तेंदूखेड़ा में जो लोग बकरी पालते हैं वह जंगल में बकरियां ले जाने से डर रहे हैं, क्योंकि तेंदूखेड़ा और जबलपुर जिले की बॉर्डर पर यह बकरी चोर गैंग सक्रिय है।
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हत्या के बाद ले गये बकरियां
बकरी चोरी गैंग ने पाटन के हरदुआ में एक आदिवासी चरवाहे की हत्या कर दी। आरोपियों ने हाथ, पैर बांधकर लाश को भिम्माडोला के पास जंगल में फेंक दिया। रविवार सुबह लाश मिली। सूचना पर पाटन पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पीएम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। पाटन पुलिस ने बताया कि हरदुआ निवासी रघुनाथ मरावी (55) चरवाहा था। शनिवार सुबह वह 28 बकरियों के झुंड को चराने के लिए निकला था। देर शाम तक वह वापस नहीं आया। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन पता नहीं चल सका। रविवार सुबह परिजन और ग्रामीण फिर से उसकी तलाश में निकले। वे भिम्माडोला के जंगल में पहुंचे, तो वहां रघुनाथ का जूता पड़ा दिखा। जिसे देखकर परिजन और ग्रामीण आगे बढ़े, तो झाडियो में उसका शव नजर आया। उसके हाथ पैर बंधे हुए थे।

मुंह में कपड़ा, सिर पर चोट
सूचना मिलते ही एएसपी सूर्यकांत शर्मा समेत पाटन थाने की पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि रघुनाथ के सिर पर पीछे की ओर चोट के निशान थे। वहीं, उसके मुंह में कपड़ा बंधा हुआ था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले तो एक ही गमछे से उसके हाथ और पैरों को पीछे की ओर बांधा और फिर सिर पर वार कर हत्या कर दी। जिसके बाद आरोपियों ने बकरियां चोरी की और वहां से भाग निकले।
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ये बोले सरपंच और अध्यक्ष
हरदुआ सरपंच प्रीतम पाल ने बताया क रघुनाथ मरावी बकरियों को लेकर जंगल चराने गए थे जो शाम तक नहीं लौटे तो परिवार के लोग खोजबीन करने गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन सुबह पुनः सैकड़ों की तादात में लोग टोलियों के रूप में गए तो रघुनाथ की चड्डी मिल गई, उसके बाद खोजबीन की तो शव नग्न अवस्था में मिल गया। उन्होंने बताया कुछ दिनों से चोर गिरोह घटिया और लगे गांव में बकरियों की चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और अब हत्या करके बकरी ले गए।

वहींं,सहजपुर के पूर्व सरपंच और वर्तमान में सहजपुर वन समिति के अध्यक्ष गुड्डू दुबे ने बताया कि घटना का खुलासा रविवार को हुआ। घटनास्थल दमोह जिले और तेंदूखेड़ा ब्लाक के एक से दो किलोमीटर दूर है। अक्सर पाटन क्षेत्र के लोग अपने मवेशी और बकरी चराहने आ जाते हैं। शव मिलने के बाद साहजपुर पाड़ाझिर के लोगों में भय बना हुआ है, क्योंकि गांव के लोग अपनी बकरियों को लेकर उसी ओर जाते हैं। कुछ दिन पहले ऐसे ही नाकापोश लोग तेंदूखेड़ा थाने के हरदुआ गांव के जंगलों मे देखे गये थे, लेकिन वहां ग्रामीणों को देख जंगली रास्ते से भाग गये थे। उसके बाद अब ग्रामीण मवेशियों को लेकर अकेले नहीं जाते।
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