दमोह शहर के इमलाई गांव में संचालित इंग्लिश मीडियम स्कूल ताश का निरीक्षण करने शनिवार को राज्य बाल आयोग की टीम पहुंची और स्कूल से जुड़े दस्तावेज खंगाले। टीम के सदस्यों ने बताया, यह उनका औचक निरीक्षण था। निरीक्षण के दौरान स्कूल में बच्चे नहीं थे, उनकी छुट्टी हो चुकी थी। केवल स्कूल के प्राचार्य सलमान खान मौजूद थे।
बाल आयोग के अध्यक्ष और टीम के सदस्यों ने स्कूल के सभी कक्षों का निरीक्षण किया और कुछ दस्तावेजों की जांच भी की है। टीम को यहां कुछ खामियां भी मिली हैं और बाकी दस्तावेज उन्हें नहीं मिले हैं। राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ओमकार सिंह ने बताया कि उन्हें कुछ दस्तावेज मिले हैं और कई दस्तावेज नहीं मिले हैं।
मिली हैं खामियां
दमोह-छतरपुर मार्ग पर इमलाई गांव में इंग्लिश मीडियम स्कूल ताश का स्कूल का संचालन होता है। अध्यक्ष ओमकार सिंह ने बताया कि उनके पास कुछ खबरें आई थी, जिसके बाद स्कूल का निरीक्षण टीम के द्वारा किया गया। स्कूल में पॉक्सो की कमेटी नहीं बनाई गई है। स्कूल के छात्रों को गुड टच-बैड टच की जानकारी नहीं दी गई है। स्टॉफ का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं है। साथ ही उर्दू की पुस्तकें भी यहां मिली हैं। इसके अलावा शौचालय व अन्य कमरों का निरीक्षण किया गया है।
ओमकार सिंह ने बताया कि यह उनका औचक निरीक्षण था। उन्हें कुछ खामियां मिली हैं, जिनको लेकर प्रबंधन से बात करना बाकी है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन बाद इस पूरे मामले की जांच करने के बाद इसका प्रतिवेदन कलेक्टर को सौपेंगे। वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना है कि स्कूल स्टाफ मौजूद नहीं है, इसलिए दस्तावेज नहीं मिल सकते हैं।
स्कूल के प्राचार्य सलमान खान ने बताया कि उन्हें भी इस बात की जानकारी नहीं है कि टीम निरीक्षण करने क्यों पहुंची है। उनसे दस्तावेज मांगे गए थे, जो स्टाफ न होने के कारण वह नहीं उपलब्ध करा पाए हैं। टीम को जो भी दस्तावेज चाहिए, वह उन्हें दे दिए जाएंगे। इस दौरान बाल संरक्षण सदस्य दीपक तिवारी और अन्य लोगों की मौजूदगी रही।