साल 2022 में दमोह नगर पालिका ने 98वीं रैंक प्राप्त की थी। इस तरह इस बार न कोई नंबर कटे हैं न ही बढ़े हैं। हालांकि, राज्य स्तरीय रैंकिंग में सुधार करते हुए दमोह नगर पालिका 33 में से 27वें पायदान पर पहुंच गई है। कुल 9500 अंकों में से दमोह नगर पालिका को इस बार 6031 अंक प्राप्त हुए हैं, जिसमें से सेवा स्तर की प्रगति में 4830 में से 3711.40 अंक, प्रमाणीकरण में 2500 में से 725 अंक एवं नागरिक आवाज में 2170 में से कुल 1594.60 अंक प्राप्त हुए हैं।
इस तरह सबसे ज्यादा निराशा प्रमाणीकरण में मिली है। वहीं, पिछले दिनों जारी हुई स्टार रेटिंग में भी दमोह नगर पालिका को एक भी स्टार नहीं मिला था और वह सूची से बाहर हो गई थी। इसके पीछे मुख्य वजह यह रही कि शहर में सफाई व्यवस्था में काफी लापरवाही बरती जा रही है। शहर के मुख्य बाजारों में दोपहर तक कचरे के ढेर लगे रहते हैं। यही वजह है कि इस बार कचरा निष्पादन में जीरो अंक मिले हैं।
इधर, जिले के अन्य नगरीय निकायों की बात करें तो हटा नगर पालिका को नेशनल रैंकिंग में 266, स्टेट रैंकिंग में 128, एवं जोनल रैंकिंग में 54 नंबर प्राप्त किए हैं। नगर परिषद पथरिया ने नेशनल रैंकिंग में 325, स्टेट रैंकिंग में 161 एवं जोनल में 53 नंबर प्राप्त किए। नगर परिषद हिंडोरिया को नेशनल रैंकिंग में 464 नंबर, स्टेट रैंकिंग में 225 एवं जोनल में 79 नंबर प्राप्त किए हैं। नगर परिषद पटेरा ने नेशनल रैंकिंग में 591, स्टेट में 281 एवं जोनल में 156 नंबर प्राप्त किए। इसी तरह नगर परिषद तेंदूखेड़ा ने नेशनल रैंकिंग में 576, स्टेट रैंकिंग में 271 एवं जोनल में 151 नंबर प्राप्त किए।
इन कमियों से नहीं हुआ प्रमोशन
दमोह नगर पालिका में पिछले चार वर्षों से नियमित स्वास्थ्य अधिकारी का पद खाली पड़ा है। यह पद प्रभारियों के भरोसे चल रहा है। बीते साल से सफाई का ठेका समाप्त होने के बाद शहर में केवल 181 सफाई कर्मचारी हैं। कई वार्डों में दो तो किसी में तीन सफाई कर्मचारी हैं, जिससे वाडों में नियमित रूप से सफाई नहीं हो पाती है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में भी लापरवाही बरती जा रही है। 10 से अधिक सफाई वाहन खराब पड़े हैं। धूल साफ करने वाली मशीन भी एक साल से बंद पड़ी है। बीते सितंबर महीने में जब शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए दिल्ली की टीम दमोह आई, उस समय दमोह नगर पालिका सीएमओ के पद पर भी प्रभारी के रूप में एसडीएम पदस्थ थे। इन सब कमियां होने के बावजूद भी नगर पालिका बीते अपनी रैंकिंग में ज्यादा सुधार नहीं कर पाई।
यह है जिले के नगरीय निकायों की स्थिति
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दमोह नगर पालिका 97 अंक
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हटा नगर पालिका 266 अंक
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पथरिया नगर परिषद 325 अंक
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हिंडोरिया नगर परिषद 464 अंक
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तेंदूखेड़ा नगर परिषद 576 अंक
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पटेरा नगर परिषद 591 अंक
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दमोह नपा को 9500 में से कुल 6031 अंक मिले
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सेवा स्तर की प्रगति में 4830 में से 3711.40 अंक
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प्रमाणीकरण में 2500 में से 725 अंक
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नागरिक आवाज में 2170 में से कुल 1594.60 अंक
प्रभारी सीएमओ ने अच्छा प्रयास किया
दमोह नगर पालिका के प्रभारी सीएमओ मेघ तिवारी ने कहा कि कम संसाधनों के बावजूद भी नगर पालिका द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था पर अच्छा प्रयास किया है। वार्डों की संख्या के अनुसार सफाई कर्मचारियों की काफी कमी है। इसके बावजूद हमारे कर्मचारियों की मेहनत से अपनी रैंकिंग को यथावत रख पाए हैं। आगे जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास करेंगे और भविष्य में इससे अच्छी रैंकिंग लगाएंगे।