दमोह में मंगलवार को कक्षा बारहवीं के हिंदी के पेपर में चार नकलची छात्र पकड़े हैं, जिसके बाद इन पर कार्रवाई की गई है। वहीं, पांच छात्र पेपर हल नहीं कर पाए। क्योंकि वह समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचे और इस कारण उन्हें बिना पेपर दिए वापस लौटना पड़ा। उधर, एक छात्रा को पेपर देने जाते समय कार ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जिला अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया और करीब आधे घंटे के बाद छात्रा अपना पेपर देने परीक्षा केंद्र पहुंची।
मंगलवार को कक्षा बारहवीं का हिंदी विषय का पेपर था और उसमें भी चार छात्र नकल करते पकड़े गए हैं। सागर से जेडी की टीम निरीक्षण पर थी। यह टीम जब बटियागढ़ ब्लॉक के खड़ेरी हाईस्कूल परीक्षा केंद्र पहुंची तो वहां चार छात्र नकल करते पकड़े गए। परीक्षा प्रभारी राजेश रविदास ने बताया कि चार नकल प्रकरण खड़ेरी हाईस्कूल परीक्षा केंद्र पर बनाए गए हैं।
समय पर नहीं पहुंच पाए परीक्षा केंद्र
एमपी बोर्ड की परीक्षाओं का समय सुबह नौ बजे निर्धारित किया गया है। छात्रों को इसके पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंचना है। उत्कृष्ट विद्यालय में बनाए गए परीक्षा केंद्र में करीब पांच परीक्षार्थी समय पर उपस्थित नहीं हो पाए। इसलिए उन्हें परीक्षा में शामिल नहीं किया गया और यह छात्र बिना पेपर दिए ही वापस लौट आए। परीक्षा प्रभारी राजेश रविदास ने बताया कि छात्रों को आठ बजकर 40 मिनट तक हर हाल में परीक्षा केंद्र पहुंचना है। यह पांच छात्र नौ बजे तक परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचे थे। नौ बजे गेट पर आवाज भी लगाई गई कि यदि कोई छात्र देरी से आया हो तो वह अंदर आ जाए। लेकिन उस समय तक यह छात्र परीक्षा केंद्र पर मौजूद नहीं थे। इसलिए इन छात्रों को पेपर देने नहीं मिला।
पेपर देने जा रही छात्रा को कार ने मारी टक्कर
कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने अपने भाई के साथ बाइक से जा रही छात्रा पूनम रैकवार और उसका भाई गोपाल दोनों सड़क हादसे का शिकार हो गए। नवजागृति स्कूल के पास एक अज्ञात कार चालक ने उन्हें टक्कर मार दी। घायल छात्रा पूनम और उसके भाई को जेपीबी स्कूल के शिक्षक व स्टाफ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। इस हादसे में छात्रा और भाई काफी अधिक घायल हो गए थे।
मौके पर पहुंचे डीपीसी मुकेश कुमार द्विवेदी, शरद मिश्रा और मोहन राय ने छात्रा को परीक्षा में शामिल कराया। वहीं, घायल भाई गोपाल अस्पताल में भर्ती है। शिक्षक शरद मिश्रा ने बताया कि छात्रा के पैर और हाथ में चोट आई है। इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई और उनके निर्देश मिलने के बाद छात्रा को समय से कुछ देर बाद परीक्षा केंद्र लाया गया। उसके साथ एक राइटर दिया गया था, लेकिन कुछ देर बाद छात्रा ने खुद ही पेपर हल किया।