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Damoh: पटवारियों की गलती की सजा भुगत रहे किसान, एक एकड़ में उगी 20 क्विंटल धान, खरीदी जा रही सिर्फ आठ क्विंटल

Sat, 14 Dec 2024 12:14 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

तेंदूखेड़ा ब्लाक के किसान पटवारियों की गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं, जिससे उनकी धान की फसल की तुलाई कम हो रही है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपए का नुकसान हो रहा है। 
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खरीदी केंद्र पर मौजूद किसान
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विस्तार
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दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के किसान पटवारियों द्वारा की गई गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं। गिरदावरी एप में किसानों की जमीन को सिंचित और असिंचित के रूप में गलत चढ़ाने के कारण, उनकी धान की फसल को खरीदी केंद्र पर कम मात्रा में लिया जा रहा है। इससे किसानों को बाजार में अपनी उपज बेचने पर प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपए का नुकसान हो रहा है।

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खरीदी केंद्रों में तुलाई की समस्या
तेंदूखेड़ा क्षेत्र में धान की फसल की औसत पैदावार प्रति एकड़ 20 क्विंटल है, लेकिन जब किसान अपनी उपज लेकर खरीदी केंद्र पहुंचे, तो उन्हें प्रति एकड़ केवल 8 क्विंटल तुलाई करने के निर्देश मिले। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है क्योंकि बाजार में धान की कीमत 300 से 400 रुपए कम मिल रही है।

किसानों की आवाज़
धनगौर निवासी किसान वीरन पाल ने बताया कि उनकी जमीन पर हर साल 20 से 22 क्विंटल उपज होती है, लेकिन तुलाई के समय मात्र 8 क्विंटल ली गई। खमरिया निवासी साहब सिंह ने कहा कि उनके खरीदी केंद्र में भी यही स्थिति है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। जामुनखेड़ा निवासी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि पड़ोसी पाटन जिले में धान की तुलाई अधिक हो रही है, जबकि तेंदूखेड़ा में उन्हें कम तुलाई मिल रही है।

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एसडीएम का निरीक्षण
तेंदूखेड़ा एसडीएम सौरव गंधर्व ने शुक्रवार को खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। वहां मौजूद किसानों ने अपनी समस्याएं बताईं। एसडीएम ने पटवारी और आरआई से जानकारी ली और पाया कि इस वर्ष किसानों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो सकता। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले वर्ष ऐसी समस्याएं नहीं आएंगी और सभी पटवारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में इस तरह की गलतियों को रोका जाएगा। किसानों की यह समस्या न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रही है, बल्कि यह क्षेत्र की कृषि विकास में भी बाधा डाल रही है। उचित समाधान की आवश्यकता है ताकि किसानों को उनके हक का सही मूल्य मिल सके।
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खरीदी केंद्र पर मौजूद किसान

 

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