दमोह जिले भर में तेजी से सवारी ऑटो खरीदे जा रहे हैं। लेकिन हजारों ऑटो बिना फिटनेस और बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बिना नंबर के ऑटो से दुर्घटना होने पर चालक व मालिक की तलाश करना भी मुश्किल होता है। परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, 2745 ऑटो बिना फिटनेस ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं और बड़ी घटना के बाद भी अधिकारी नहीं जागते।
बता दें कि सोमवार को दमोह-सागर मार्ग पर सागरनाका चौकी के पास छात्राओं को लेकर जा रहा तेज रफ्तार ऑटो पलट गया था, जिसमें नंबर नहीं होने पर पुलिस तुरंत चालक व मालिक तक नहीं पहुंच पाई थी। चालक ऑटो छोड़कर भाग गया था। इस हादसे में दो छात्राएं गंभीर रूप से घायल हुई थी।
आलम यह है कि यातायात थाने के सामने से ही बिना नंबर के सवारी ऑटो निकलते रहते हैं, लेकिन किसी प्रकार की रोकटोक उन पर नहीं की जाती है। इसके अलावा अस्पताल चौराहा, बस स्टैंड चौराहा से प्रतिदिन ऑटो इसी प्रकार ओवरलोड सवारियां लेकर जाते हैं। आरटीओ कार्यालय में दर्ज सवारी ऑटो की बात करें तो 3711 वाहन दर्ज हैं, 2745 की फिटनेस खत्म हो गई है। जबकि ऑटो यूनियन के पदाधिकारी के मुताबिक, सड़कों पर 5 हजार से अधिक ऑटो दौड़ रहे हैं।
जिला परिवहन अधिकारी क्षितिज सोनी का कहना है, ऑटो चालकों को सभी के लिए निर्देश दिए गए हैं कि बिना नंबर के वाहन न चलाएं, बीमा फिटनेस के साथ ही चलाएं। कार्रवाई के दौरान वाहन जब्त भी करवाए जाते हैं।
एजेंसी से प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती
ऑटो यूनियन अध्यक्ष सुबोध राही का कहना है, शोरूम एजेंसियां 20 से 30 हजार रुपये में ऑटो दे देती हैं और जब तक किस्तें जमा नहीं होती आरटीओ में रजिस्टर्ड कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं करती हैं। क्योंकि इसमें 30 से 35 हजार रुपये का खर्च आता है। इस बीच वाहन से दुर्घटना होने पर चालक को भुगतना पड़ता है। जबकि वाहन का रिस्क एजेंसी की बीमा कंपनी से कवर हो जाता है। नई गाड़ियां उठाए जाने पर रोक लगवाने की मांग हम लोग कर चुके हैं।