चिन्हित स्कूल में नहीं पढ़ना चाहते स्टूडेंट्स
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हिजाब, धर्मांतरण और बच्चों को जबरदस्ती नमाज पढ़ाने के मामले में चर्चाओं में आए गंगा जमना स्कूल की मान्यता बहाल करने की मांग को लेकर मंगलवार को छात्रों ने अपने परिजनों के साथ दमोह कलेक्टर को एक ज्ञापन दिया है। बता दें कि स्कूल की मान्यता निलंबित होने के कारण जिला प्रशासन ने शहर के पांच शासकीय स्कूल चिन्हित किए हैं। जहां यह बच्चे अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कर सकते हैं, लेकिन इन बच्चों ने उन स्कूलों में पढ़ाई करने पर असमर्थता जाहिर की है।
कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में परिजनों की ओर से बताया गया कि हमारे बच्चे गंगा जमना इंग्लिश मीडियम स्कूल में कई साल से पढ़ाई कर रहे हैं। शासन-प्रशासन ने बिना किसी उचित कारण के स्कूल की मान्यता निलंबित कर दी। स्कूल में कक्षा पहली से बारहवीं तक करीब 1 हजार 208 बच्चे अध्यनरत हैं। गंगा जमना स्कूल में कम से कम फीस में अच्छी से अच्छी शिक्षा प्रबंधन द्वारा दी जा रही थी।
मान्यता निलंबित होने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जिन-जिन स्कूलों में बच्चों के अध्यापन की व्यवस्था होने का उल्लेख किया गया है। उन स्कूलों में न तो इंग्लिश माध्यम में पढ़ाई होती है और न उर्दू विषय पढ़ाया जाता है, जिन कारणों को दर्शाते हुए गंगा जमना इंग्लिश मीडियम की मान्यता निलंबित की गई है। वैसी सुविधाएं भी नहीं हैं और न ही इंग्लिश और उर्दू विषय के शिक्षक हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा पर भी विपरीत प्रभाव पड़ने की पूर्ण संभावना है।
नया शिक्षा सत्र प्रारंभ हुए करीब 15 दिन बीत चुके हैं और गंगा जमना स्कूल के निलंबन के कारण बच्चों का आज दिनांक तक स्कूल में अध्यापन कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है, जिससे आगे बच्चों के भविष्य की चिंता बढ़ गई है। यदि शीघ्र ही स्कूल का निलंबन समाप्त नहीं होता तो आंदोलन भी किया जाएगा।