रेलवे स्टेशन पर पति-पत्नी और पुलिस
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यदि कोई व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर हो और वह कहीं खो जाए तो उसके मिलने की उम्मीद बहुत कम होती है। ऐसी ही एक नउम्मीदी को दमोह जिले की इमलिया चौकी पुलिस ने उम्मीद में बदल दिया। जब दमोह के इमलिया लांजी गांव निवासी एक महिला जो गुजरात के नारी निकेतन पहुंच गई थी। उसकी खोज करने के बाद पुलिस महिला को वहां से वापस लाई।
तेजगढ़ थाना के इमलिया चौकी प्रभारी आनंद कुमार अहिरवार ने बताया कि जून महीने में एसपी ने उन्हें सूचित किया था कि एक महिला गुजराज के भुच्छ में नारी निकेतन में मिली है, जो अपना नाम सुमित्रा पति सागर लाल तेली निवासी दमोह बता रही है। महिला से बात करने पर वह उड़ीसा जैसी भाषा बोल रही थी। इसके बाद उन्होंने महिला की फोटो वाले पंपलेट छपवाए और दमोह जिले में जगह-जगह चिपकवाए। साथ ही सोशल मीडिया का सहारा लिया और दमोह में जितने भी इमलिया गांव हैं, वहां जाकर संपर्क किया।
इसी दौरान देहात थाना के इमलिया लांजी गांव के हीरालाल राठौर के बारे में जानकारी लगी और उनसे मुलाकात पर फोटो दिखाई तो उन्होंने बताया कि वह महिला उनकी पत्नी हैं। चौकी प्रभारी ने बताया कि हीरालाल ने बताया कि साल 2013 में उसकी शादी उड़ीसा निवासी सुमित्रा से हुई थी। शादी के बाद करीब पांच साल तक पत्नी घर पर रही, इसके बाद वह बीमार हो गई और कुछ मानसिक संतुलन भी कमजोर होने लगा, जिससे पति उसे उड़ीसा अपनी ससुराल इलाज के लिए छोड़ आया था।
ससुराल वालों ने पत्नी को ट्रेन में बैठा दिया था...
पति हीरालाल ने बताया कि वह अपनी पत्नी को इलाज के लिए उसके मायके उड़ीसा छोड़ आया था और कुछ पैसे भी दे आया था। दो साल पहले ससुराल वालों ने पत्नी को ट्रेन में दमोह आने के लिए बैठा दिया, लेकिन वह दमोह नहीं पहुंची और खोजबीन करने के बाद उसका सुराग भी नहीं मिला। कुछ दिन पहले इमलिया चौकी प्रभारी उसके पास आए और एक फोटो दिखाई, जो उसकी पत्नी की थी। इसलिए वह उसे लेने गुजरात रवाना हो गए।
एएसआई आनंद कुमार अहिरवार ने बताया कि चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक फिरदोस खान को महिला के पति के साथ गुजरात भेजा था। जहां से वह महिला को लेकर बुधवार सुबह दमोह पहुंचे, इसलिए वह उन्हें लेने के लिए दमोह पहुंचे थे। पति अपनी पत्नी को दो साल बाद अपने साथ देखकर काफी खुश है। इसके बाद एसपी को भी सूचित किया गया कि महिला को वापस लाया गया है।