दमोह में तेंदूखेड़ा ब्लाक के पौंड़ी गांव में जलाशय फूटने के बाद भले ही हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। लेकिन आज भी यहां परेशानी बनी हुई है। स्कूल बंद होने से बच्चों को भोजन के लिए परेशान होना पड़ रहा है। स्कूल क्या बंद हुआ मध्यान्ह भोजन भी बंद हो गया। इसके अलावा ग्रामीणों को बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंच चुकी है।
पौंड़ी गांव में दवा का छिड़काव किया गया, ताकि मच्छर न पनप सकें और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। पौंड़ी जलाशय फूटने के बाद ग्रामीणों को कई तरह की समस्याएं बनी हुई हैं। क्योंकि जो पानी तालाब में भरा हुआ था, कई महीनों से जमा था और दूषित पानी था। जो घरों के अंदर भरने के साथ मुख्य मार्ग पर भी भरा है और डेंगू फैलने की संभावना बनी है। इसलिए मलेरिया विभाग के कर्मचारी छिड़काव के लिए पहुंच रहे हैं।
जेतगढ़ स्कूल में दी जानकारी
तालाब फूटने से जेतगढ़ और पौंड़ी दो गांव प्रभावित हुए थे। लेकिन पौंड़ी गांव में पानी के साथ कीचड़ भर गया था। जबकि जेतगढ़ में पानी का कम असर था। इसलिए जेतगढ़ में शासकीय स्कूल खुल गया है, जबकि पौंड़ी का स्कूल अभी बंद चल रहा है। स्वास्थ विभाग की टीम ने जेतगढ़ पहुंचकर स्कूली बच्चों को मलेरिया, डेंगू की जानकारी दी। वहीं, पौंड़ी गांव में स्कूल बंद होने के बाद मध्यान्ह भोजन वितरण भी बंद है, जिसकी पुष्टि ग्रामीणों ने की है।
गांव के लोगों ने बताया कि इन दिनों पौड़ी की स्थिति काफी खराब है। ऐसे में यदि मध्यान्ह भोजन चालू होता तो बच्चों को भोजन मिलता रहता। स्कूल बंद होने को लेकर पौंड़ी प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका उमा डहरिया ने बताया, स्कूल में मलवा जम गया था। इसलिए साफ-सफाई कराई गई है। स्कूल प्राथमिक और माध्यमिक है, माध्यमिक स्कूल शिक्षक विहीन है। मैं प्राथमिक स्कूल में हूं, शीघ्र ही स्कूल संचालित होंगे। पौंड़ी स्कूल इसलिये बंद है, क्योंकि वहां मलवा जमा हुआ था। लेकिन पढ़ने वाले बच्चे तो पौड़ी के हैं। उनको मध्यान्ह भोजन को स्वसहायता समूह वाले घर से दे सकते थे, जो उनके द्वारा नहीं दिया जा रहा। इस सबंध मे तेंदूखेड़ा बीआरसी परमलाल अहिरवार ने बताया, मैं दिखवाता हूं और मध्यान्ह भोजन शीघ्र चालू कराया जाएगा।
मलेरिया संबंधी दी जानकारी
स्वास्थ्य विभाग की टीम में कई सुपरवाइजर और एएनएम एक साथ पौंड़ी पहुंचे। जहां उन्होंने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उसके बाद मलेरिया के सैंपल लिए, डेंगू के लार्वा के संबंध में जानकारी दी। बताया कि बुखार कई तरीके के होते हैं और और किस बुखार में शरीर के अंदर फिलिंग होती है, इसकी विस्तार से जानकारी दी। बाद में टीम जैतगढ़ पहुंची। टीम ने स्कूल, घरों और मार्गो पर दवाओं का छिड़काव किया और लोगों की स्वास्थ संबंधी जानकारी ली।
तेंदूखेड़ा सीबीएमओ आरआर बागरी ने बताया, सीएमएचओ के निर्देशानुसार और जिला मलेरिया अधिकारी दमोह के आदेशानुसार टीम के साथ में ग्राम पौंड़ी और जेतगढ़ पहुंचा था। जिला मलेरिया कार्यालय की टीम द्वारा और तेंदूखेड़ा एमआई पंचम सिंह ठाकुर, जिला मलेरिया कार्यालय की टीम से कमलेश अहिरवार और उनकी सपोर्ट स्क्वायड टीम के सुपरवाइजर राजा बाबू, मिथुन, राकेश, गोविंदा, राहुल और भूपेंद्र सभी ने मिलकर ग्राम पौंड़ी और जेतगढ़ में दोनों ग्राम भ्रमण कर डेंगू संबंधी जानकारी का प्रचार-प्रसार का कार्य किया। आरडीजी किट द्वारा मलेरिया की जांच की गई और डेंगू लार्वा सर्वे के साथ में कीटनाशक दवा का छिड़काव कार्य किया गया।