गंभीर मरीज और दुर्घटना में घायल हुए लोगों को समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए शासन की ओर से 108 एंबुलेंस वाहन का संचालन किया जा रहा है। लेकिन वाहन में मौजूद स्टाफ मरीजों को अस्पताल लाने की एवज में पैसों की मांग भी करता है। ऐसा ही मामला दमोह जिला अस्पताल में सामने आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
वीडियो में दिख रहा है, पायलट राघवेंद्र चौबे के द्वारा महिला मरीज के परिजनों से 200 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है और परिजन कह रहे हैं कि हम लोग गरीब आदमी हैं, हमें 200 रुपया भी बहुत है। इसके बाद पायलट कहता है, 200 रुपये तो लोकल वाले दे देते हैं, तुम तो इतनी दूर से आए हो। हम लोग एक दिन में 10 से 50,000 हजार तक कमाते हैं, कैसी बातें करते हो, 200 रुपए भी नहीं दे पा रहे। वीडियो मरीज के किसी परिजन ने ही बनाया था और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
इस विडियो के वायरल होते ही सीएमएचओ डॉ संगीता त्रिवेदी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा, मरीज को निशुल्क वाहन समय पर उपलब्ध हो, इसके लिए प्रदेश और जिले में 108 इमजेंसी एंबुलेंस सेवाएं राज्य शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसमें मातृ एवं शिशु के लिए जननी वाहन और अन्य विशेष परिस्थितियों एक्सीडेट, अन्य संभीर समस्या होने पर 108 एंबुलेंस सेवा दी जा रही है।
एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें जननी का पायलट राघवेंद्र चौबे द्वारा जिला अस्पताल में मरीज को घर छोड़ने की एवज में पैसे की मांग करता दिख रहा है, जिसकी जानकारी मिलने पर अनुबंधित संस्था के संचालक को बुलाकर तत्काल कार्रवाई करने के साथ जननी एंबुलेंस पायलट द्वारा की गई अनियमिता के खिलाफ तत्काल प्रभाव से पालयट को पद से हटाने करने के निर्देश दिए। अनुबंधित संस्था द्वारा पालन करते हुए पायलट को सेवा से अलग कर दिया है। संचालक द्वारा लिखित में आश्वासन दिया गया कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जाएगी। सीएमएचओ डॉ त्रिवेदी ने कहा, भविष्य में दोबारा इस प्रकार की अनिमित्ता पाई गई तो शासन दिशा-निर्देशों के अनुरूप जुर्माना/चार्ज लगाते हुए संस्था के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।