दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में संचालित शासकीय कॉलेज की एक छात्रा ने शिक्षक की छेड़खानी से परेशान होकर खुद को आग लगा ली। कॉलेज की एक महिला शिक्षिका पर भी शिक्षक का सहयोग करने के आरोप लग रहे हैं। बेटी की आग लगाने की जानकारी परिजनों को मिली तो वह उसे इलाज के लिए तेंदूखेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर जबलपुर रेफर किया गया। पुलिस के द्वारा परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि 19 साल की छात्रा ने खुद को आग लगा ली और कॉलेज के एक शिक्षक पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया है। शिक्षक पिछले एक साल से छात्रा को परेशान कर रहा है, लेकिन छात्रा ने ध्यान नहीं दिया। बाद में शिक्षक ने छात्रा से यह भी कहा था कि यदि तुम मेरी बात नहीं मानोगी तो मैं परीक्षा में इसका बदला लूंगा। बुधवार को रसायन का पेपर था, जिसमें शिक्षक और एक शिक्षिका ने छात्रा से 15 मिनट में ही पेपर छीन लिया। यह बात छात्रा ने अपने स्वजनों को भी बताई, उसने बताया कि पेपर के साथ पहले तो एक शिक्षिका रिचा लोधी और शिक्षक अरुण पटेल जो शासकीय कालेज में पदस्थ है। उन्होंने मुझ पर नकल करने का झूठा आरोप लगाया, बाद में मेरे साथ प्राइवेट पार्ट के साथ छेड़छाड़ की और 15 मिनट बाद ही पेपर छीन लिया।
मां बोली दोनों करते थे परेशान...
छात्रा की मां एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। वह गुरुवार सुबह अपनी आंगनबाड़ी चली गई थीं और घर में कोई नहीं था। उसी समय छात्रा ने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। इसकी जानकारी पड़ोसियों द्वारा मां को दी गई, जिसके बाद मां घर पहुंची और बेटी को इलाज के लिए जबलपुर लेकर गईं। उन्होंने बताया कि उसकी बेटी को अरुण पटेल नामक शिक्षक एक साल से परेशान कर रहा था, बेटी ने गुरुवार को ही मुझे जानकारी दी है। छात्रा और उसकी मां के द्वारा कालेज के शिक्षक और शिक्षिका पर लगाए गए आरोपों के संबंध में कालेज प्राचार्य सुभाष अग्रवाल से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।
आग लगने की जानकारी लगते ही तेंदूखेड़ा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची, लेकिन छात्रा जबलपुर रेफर हो चुकी थी। इस संबंध में तेंदूखेड़ा थाना टीआई बीएल चौधरी ने बताया कि छात्रा के द्वारा खुद को आग लगाने की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने थाने से पुलिस को जबलपुर मेडिकल कॉलेज छात्रा और स्वजनों के बयान लेने के लिए भेजा है, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।