हत्याकांड की जानकारी देती पुलिस।
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मध्य प्रदेश के कटनी जिले में नर कंकाल हत्या कांड में पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक राजकुमार की हत्या उसी के चचेरे भाई ने अन्य दो लोगों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। आरोपी भाइयों और राजकुमार के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। गांव में विवाद खत्म करने को लेकर मध्यस्था बैठक भी कराई गई थी, लेकिन कोई बात नहीं बनी।
पुलिस के अनुसार 14 दिसंबर 2022 को आरोपियों में शामिल धीरज यादव ने धारदार हथियार(जरकटना) से वार कर राजकुमार को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद शव को अपने खेत की झोपड़ी के पास छिपाकर रख दिया। देर रात अपने अन्य साथी नीरज और राजेश के साथ मिलकर परासी हार में बने किसान रमेश कोल के कुंए में राजकुमार के शव को साड़ी से बांधकर फेंक दिया था।
राजकुमार जब रातभर घर वापस नहीं आया तो परिजनों ने ढीमरखेड़ा थाने पर 15 दिसम्बर 2022 को ही एफआईआर दर्ज कराई। काफी तलाश के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा। पांच माह बाद कुंए की सफाई के लिए पहुंचे रमेश कोल सहित ग्रामीणों ने देखा कि कुए में साड़ी और पत्थर के सहारे बंधा कंकाल है, जिससे बदबू आ रही थी। उन्होंने जानकारी तुरंत ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने कुंए से नर कंकाल को बाहर निकल कर पीएम के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रवाना किया था। इसी बीच स्थानीय निवासियों और परिजनों ने खराब हो चुके शव की शिनाख्त कर पूरे मामले को पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन से अवगत कराया।
एसपी अभिजीत कुमार रंजन ने बताया कि ढीमरखेड़ा के ग्राम रामपुर के एक कुएं में नर कंकाल मिलने की खबर पुलिस को मिली थी। इस कंकाल की शिनाख्त जबलपुर से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित परिजनों के पहचान इत्यादि सामग्री से हुई। पूरे मामले पर 29 मई 2023 को ढीमरखेड़ा थाने पर अपराध क्रमांक 244/23, धारा 302, 201 के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए परिजनों की शंका के आधार पर संदिग्ध आरोपियों से पूछताछ किया गया। इस दौरान पकड़े गए धीरज यादव ने हत्या का खुलासा किया। पुलिस ने उसके अन्य दो साथियों सहित हत्या में उपयोग किए अन्य औजारों को भी अपने कब्जे में लेते हुए सभी को न्यायालय ने पेश कर दिया है।