डिप्टी रजिस्ट्रार और सहकारी समितियों की अदालत ने इंदौर मंडल डाक तार कर्मचारी सोसायटी को आदेश दिया है कि वह एक बीएसएनएल कर्मी के खाते से काटे गए डेढ़ लाख रुपये वापस करे। बता दें कि बीएसएनएल कर्मी एक अन्य कर्मचारी द्वारा लिए गए लोन में गारंटर था।
गारंटर गिरधारी लाल ने ने सोसायटी के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि सोसायटी न्याय के प्राकृतिक नियमों का पालन नहीं करती है और उसने बिना जानकारी दिए उसके खाते से रुपये काटना शुरू कर दिया।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि बीएसएनएल के एक कर्मचारी ने सोसायटी से 10 लाख रुपये का होम लोन लिया था। लेकिन, लोन लेने के कुछ समय बाद उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली और लोन की किस्तें जमा करनी बंद कर दीं। अब चूंकि लोन का गारंटर याचिकाकर्ता था तो सोसायटी ने हर महीने 22 हजार रुपये उसके खाते से काटने शुरू कर दिए।
जब याचिकाकर्ता ने सोसायटी के अधिकारियों से इस बारे में पूछा तो उसे बताया गया कि जिस व्यक्ति ने लोन लिया था उसने किस्तें चुकाना बंद कर दिया है। अब चूंकि वह गारंटर था तो इसलिए सोसायटी ने धनराशि उसके खाते से काटनी शुरू कर दी।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने सोसायटी को आदेश दिया कि वह याचिकाकर्ता के 1.5 लाख रुपये वापस करे और लोन की राशि उसी व्यक्ति से वसूले जिसने लोन लिया था।