इंदौर की जिला अदालत ने चार महीने की मासूम से बलात्कार कर हत्या करने वाले शख्स को मौत की सजा सुनाई है। यह दिल दहला देने वाली घटना 19 अप्रैल को इंदौर के राजबाड़ा में घटी थी, जहां बच्ची के रिश्तेदार ने उसके साथ दरिंदगी की थी। उसने बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने के बाद उसे जमीन पर पटक-पटककर उसकी हत्या कर दी थी।
इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। रेप की घटनाएं लगातार सुर्खियों में रही है। इस घटना के बाद इंदौर बार एसोसिएशन ने फैसला किया कि वह कोर्ट में किसी भी बलात्कार आरोपी की पैरवी नहीं करेगी।
इस मामले में रिकॉर्ड 24 दिनों में आरोपी का दोष साबित कर सजा का ऐलान किया गया है। रेप के मामलों में जल्द न्याय की मांग उठती रही है।
मुख्यमंत्री ने फैसले पर जताई खुशी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस केस में जल्द फैसला सुनाए जाने पर खुशी जताई और फैसले का स्वागत किया है।
उन्होंने ने ट्वीट कर लिखा, "मैं आप को एवं इंदौर पुलिस की पूरी टीम को इस केस में त्वरित जांच करने के लिए बधाई देता हूँ, और मात्र तीन हफ्तों में न्यायालय द्वारा दिए इस फास्ट ट्रैक फैसले का स्वागत करता हूँ। किसी भी सभ्य समाज में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है।"
चौहान ने आगे लिखा, "मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पिछले साल 2017 में ही 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले नरपिशाचों के लिए #DeathForRapists (बलात्कारियों के लिए फांसी) विधेयक सर्वसम्मति से पास किया था। इसके पश्चात केंद्र सरकार ने भी अप्रैल में ऐसे लोगों को फाँसी की सजा देने का प्रावधान किया।"
चौहान ने लिखा, "इंदौर जिला न्यायालय का यह फैसला इस बिल के तहत लिया गया पहला और एक ऐतिहासिक निर्णय है। इससे ना सिर्फ ऐसा कृत्य करने वाले लोगों के मन में डर बैठेगा बल्कि हमारी बच्चियों और महिलाएँ में भी सुरक्षा का भाव जागृत होगा।"