संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली महू उनकी 129वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को सुनसान रही। आंबेडकर जयंती पर मंगलवार को स्थानीय प्रशासन के कुछ अधिकारी सुबह आंबेडकर स्मारक गए और मोमबत्तियां जलाकर उन्हें याद किया।
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी बंद को देखते हुए इस बार बाबा साहेब के अनुयायियों को स्मारक स्थल पर आने की अनुमति नहीं दी गई। हर साल उनकी जयंती पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते थे।
एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सामाजिक दूरी के दिशानिर्देशों के चलते परिसर में लोगों को जाने की अनुमति नहीं दी गई। गौरतलब है कि संविधान निर्माता डॉ आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू कस्बे के काली पल्टन क्षेत्र में हुआ था। इन्दौर जिले में स्थित यह कस्बा भारतीय सेना का एक प्रमुख छावनी केंद्र भी है।