'वैक्सीन ज़रूर लगवाएं और कोरोना से खुद को बचाएं. प्रधानमंत्री मोदी ने वैक्सीनेशन अभियान चलाया है. अब बेटे बेटियों को टीका लगवाकर इसे सफल बनाना है. प्रधानमंत्री जी ने पूरे देश में वैक्सीनेशन का अभियान प्रारंभ किया है। मध्यप्रदेश में हमारी कोशिश है की, हम इसी महीने की 20 तारीख तक ही हमारे 15-18 साल तक के बेटे-बेटियों को वैक्सीन लगा कर उनका जीवन सुरक्षित बना दें, उन्हे सुरक्षा चक्र दे दें।'
यह बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही। बता दें कि सोमवार से मध्य प्रदेश में 15 से 18 साल के किशोरों का कोरोना वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में शुभारंभ किया। तीन जनवरी को 12 से 15 लाख किशोरों को वैक्सीन लगाने का टारगेट रखा गया है। साथ ही प्रदेश के सभी किशोरों को 20 जनवरी तक वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
शिवराज सिंह ने कहा कि मेरे प्रिय बच्चों वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। 8667 वैक्सीनेशन सेंटर बनाए हैं। वैक्सीन हमारे पास उपलब्ध है, और सभी बेटे-बेटियों से मेरी अपील है वैक्सीन जरूर लगवाएं। हमारे डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, जिला प्रशासन, विद्यालय, महाविद्यालय के हमारे टीचर्स सभी तैयार हैं, यह हमारी पहली प्राथमिकता है। वैक्सीनेशन करके अपने बच्चों को सुरक्षित कर लें, तुम्हारी सुरक्षा ही हमारा लक्ष्य है। ताकि कोविड का कोई असर न पड़े इसलिए मेरे प्रिय बेटे बेटियों मुझे जहां से भी सुन रहें हो, देरी मत करना यह टीका जरूर लगवा लेना।
मुख्यमंत्री चौहान ने किशोरों के वैक्सीनेशन शुभारंभ पर वैक्सीन कराने पहुंचे किशोरों से बात भी की। उन्होंने पूछा कि उन्हें टीके से डर तो नहीं लग रहा है तो सभी किशोरों ने हाथ उठाकर कहा कि वे वैक्सीनेशन से नहीं डरते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने किशोरों से कहा कि वे दूसरे किशोरों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें। आज जो किशोर वैक्सीन लगवा रहे हैं, वे 28 दिन बाद दूसरा डोज जरूर लगवा लें। सीएम ने ये भी कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आहट है। हमें इस से डरना नहीं है इस से लड़ना है। प्रदेश की 18 से ज्यादा उम्र के 95% पात्र जनसंख्या को टीके का पहला डोज और 92 प्रतिशत लोगों को टीके का दूसरा डोज लगाया जा चुका है। भोपाल के मॉडल स्कूल में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किशोरों के वैक्सीनेशन सेंटर पर टीकाकरण का शुभारंभ किया। बता दें कि मंगलवार, शुक्रवार और रविवार छोड़कर हर दिन टीकाकरण होगा। राज्य में 15-18 वर्ष के बच्चों की अनुमानित संख्या प्रदेश में 48 लाख है।
इंदौर जिले में 289 केंद्र बनाए
इंदौर जिले में 289 केंद्र बनाए गए हैं। शहरी क्षेत्र में 170 व ग्रामीण क्षेत्र में 119 केंद्र रहेंगे। स्कूलों में टीके लगेंगे। करीब ढाई लाख बच्चों को टीके लगाने का लक्ष्य है। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक वैक्सीनेशन होगा। ऑनस्पॉट भी रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। स्कूली बच्चों के अलावा अन्य बच्चे जो पात्र हैं वे अपनी सुविधानुसार सेंटर स्लॉट बुक कर सकेंगे। सभी बच्चों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा। वैक्सीन लगने के बाद बच्चों को आधा घंटा ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। स्कूलों में तीन कमरे रहेंगे। पहले कमरे में वेटिंग वाले बच्चे रहेंगे। दूसरे कमरे में वैक्सीनेशन होगा। तीसरे कमरे में वैक्सीन लगने के बाद बच्चों को ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। आधा घंटा वहीं बैठना होगा। ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो चुका है। जिन बच्चों का जन्म 2007 में हुआ है वे वैक्सीनेशन के पात्र होंगे। रजिस्ट्रेशन के लिए फोटो आईडी जैसे आधार कार्ड, पेन कार्ड आदि मान्य होगा। विशेष परिस्थितियों में बच्चों का स्कूल का फोटोयुक्त आईडी भी मान्य होगा।