मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2023 की शुरुआत के साथ राजनीति पार्टियों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पूर्व मंत्री और विधायक जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल किया कि सीएम बताए कितने बेरोजगार अंबानी बने और कितने बेरोजगार अदानी बने?
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रोज झूठ बोलते हैं। अभी प्रधानमंत्री के पास गए थे, उन्हें बताया है कि मध्य प्रदेश को रोजगार प्रदेश बना देंगे। अगर इस दावे में जरा सी भी सच्चाई है तो मुख्यमंत्री जी प्रधानमंत्री जी को उन बच्चों की सूची भेंट कर दें जिन्हें रोजगार दिया गया है। हर महीने एक लाख बच्चों को रोजगार देने की घोषणा की थी। दसियों स्वरोजगार योजनाएं घोषित की हैं।
पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए जो बच्चे अपनी नौकरी छोड़ कर रोजगार स्थापित करने के लालच में आए थे उनके लोन के भुगतान पर रोक क्यों लगा दी। बैंकों को लिखकर क्यों दिया कि सरकार अभी अनुदान नहीं दे सकती? आपके झूठे वादे पर हजारों नौजवानों ने अपना भविष्य बर्बाद कर लिया है। कितने झूठ गिनाएं, किसने कहा था कि किसानों की आय दुगनी कर देंगे, घर-घर पानी पहुंचाएंगे, बिजली का बिल माफ कर देंगे, मामा खुद कनेक्शन जोड़ देगा, बच्चों को विदेश में पढ़ने भेजेगा, सबको मुकेश अंबानी बनाएगा। शिवराज जी यह तो बताइए कितने बेरोजगार अंबानी बने कितने बेरोजगार अदानी बने?
पटवारी ने कहा कि रोजगार मेला में रोज ठगने वाली कंपनियां रोजगार देने के नाम पर ट्रेनिंग फीस वसूल रही हैं। गणवेश फीस वसूल रही है। कितना शोषण करेंगे आप। प्रधानमंत्री जी कहते थे कि मनरेगा कांग्रेस की असफलताओं का स्मारक है मगर मैं सीना ठोक कर कहता हूं कि भाजपा ने 17 साल में एक पावर प्लांट मात्र लगाया सिंगाजी पावर प्लांट। उसे भी चला नहीं पा रहे हैं, यह सिंगाजी पावर प्लांट शिवराज की असफलता का स्मारक है। कब इसमें 100 प्रतिशत बिजली बनेगी? शिवराज जी बताइए।
पटवारी ने कहा यह पहली सरकार है जो बिना बिजली खरीदें निजी बिजली कंपनियों को 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान कर चुकी है। यह मेरे प्रश्न के उत्तर में विधानसभा में बताया गया। ये घोटाले चल रहे हैं। प्रदेश में शिवराज छाती ठोक-ठोक कर कहते थे हम सर प्लस स्टेट हैं। 23 हजार मेगावाट बिजली बनाते हैं। मैं पूछता हूं मध्य प्रदेश की जरूरत मात्र 12000 मेगावाट है तो सांसे क्यों फूल गई? क्यों 1000 मेगावाट की गांव-गांव कटौती की गई? 44 डिग्री की गर्मी में गांव गांव में किसान बिना पानी के बैठा है। मूंग सूख गई और आप बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।
पटवारी ने कहा कि सरकार ने आदिवासी भाइयों के लिए उनके हक का तेंदूपत्ता लाभांश का 67 करोड़ रुपये बांटने के लिए 15 करोड़ रुपये तमाशे पर फूंक दिए। यह तेंदूपत्ता मजदूरों की कमाई थी। जिसे साहब के स्वागत पर बर्बाद कर दिया गया। मुख्यमंत्री को बताना चाहिए 2020 का बोनस 2022 में बांटने में उत्सव मनाने की क्या बात है?
पटवारी ने पीने के पानी की किल्लत पर कई सवाल उठाए उन्होंने कहा सरकार बता रही है कि 40 लाख घरों में नल लगा दिए गए हैं, लेकिन 10 लाख टोंटियों में भी पानी नहीं है, पानी कब पहुंचेगा। तीन चुनिंदा कंपनियों के पाइप खरीदने के लिए ठेकेदारों को मजबूर किया जा रहा है। यह पाइप कंपनियां कौन-सी हैं? कितना कमीशन सेट हुआ है? खुलासा करिए। आदिवासियों के ऊपर अत्याचार हो रहे हैं, उन्हें भाजपा के नेता राजधानी में भी गिरोह बनाकर पीट रहे हैं, उन पर कार्रवाई करिए साहब के कार्यक्रम करने से आदिवासियों की पीड़ा दूर नहीं होगी।
पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नेमावर की जघन्य घटना, मंदसौर में दलितों पर हुये अत्याचार की घटना पर चुप्पी क्यों साध रखी है? देश के गृह मंत्री को इन घटनाओं के बारे में क्यों नहीं बताया।