मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान चुरहट में उनके काफिले पर पथराव के मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं सीधी में शिवराज पर चप्पल फेंकने के मामले में तीन लोगों को पकड़ा गया है। भाजपा ने इन घटनाओं के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। सीएम चौहान ने कहा, मैं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि वे कांग्रेस को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। चुनाव मैदान में लड़ने के बजाए कांग्रेस अंधेरे में पत्थर क्यों फिंकवा रही है। वहीं कांग्रेस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा कि शिवराज सरकार से जनता नाराज है, यह उसकी प्रतिक्रिया है।
बता दें कि राज्य में दो माह बाद विधानसभा के चुनाव हैं, लिहाजा सियासी गतिविधियां धीरे धीरे तेजी पकड़ रही हैं। मुख्यमंत्री चौहान जन आशीर्वाद यात्रा कर रहे हैं और चौथी बार सरकार बनाने के लिए लोगों का समर्थन मांग रहे हैं। रविवार को शिवराज की जन आशीर्वाद यात्रा चुरहट पहुंचा, जो नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का विधानसभा क्षेत्र है। इसी बीच कुछ लोगों ने काफिले पर पथराव कर दिया। इससे रथ (बस) का एक कांच फूट गया, जिस पर शिवराज, उनकी पत्नी साधना और अन्य लोग सवार थे।
चुरहट की सभा में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने पथराव के लिए कांग्रेस नेता अजय सिंह को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि अजय के पिता स्वर्गीय अर्जुन सिंह कई बडे़ पदों पर रहे मगर उन्होंने कभी ऐसी राजनीति नहीं की। लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। अपनी जनता की सेवा के लिए मर भी जाऊं तो कोई गम नहीं। दोबारा फिर जन्म लूंगा। वहीं अजय सिंह ने कहा कि वे घटिया राजनीति नहीं करते। पुलिस को जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करना चाहिए। लेकिन असलियत यह है कि लोग शिवराज सरकार से नाराज हैं।
इधर, राज्य के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पथराव की घटना को मुख्यमंत्री चौहान की हत्या की साजिश बताया है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने 30 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद नौ को साधारण धाराओं में गिरफ्तार किया है। गृह मंत्री के बयान पर अजय सिंह ने कहा कि यह तो गृह मंत्री की असफलता है। सीएम की हत्या की साजिश थी और गृह मंत्री को खबर तक नहीं। शिवराज को नया गृह मंत्री नियुक्त करना चाहिए।
सपाक्स भी है एक वजह
चुरहट व सीधी की दोनों घटनाओं के मामले में एक दिलचस्प पहलू यह भी है गिरफ्तार आरोपियों में ‘सपाक्स’ से जुडे़ लोग भी हैं। सपाक्स दरअसल सामान्य, अल्पसंख्यक और अन्य पिछड़ा वर्गों का एक संगठन है, जो लंबे अरसे से आरक्षण के खिलाफ आंदोलनरत रहा है। हाल में मोदी सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में संविधान संशोधन के बाद से सपाक्स ज्यादा मुखर होकर सामने आया है। प्रमोशन में आरक्षण के मामले में मुख्यमंत्री चौहान के इस बयान कि मेरे रहते कोई माई का लाल आरक्षण समाप्त नहीं कर सकता, इससे संगठन पहले से नाराज था। मोदी सरकार के ताजा फैसले के बाद गुस्सा बढ़ा है। भाजपा के ही नहीं कांग्रेस के नेताओं को भी इस गुस्से का सामना करना पड़ा है।