राहुल गांधी कौन सी परंपरा निभा रहे हैं ?
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस झूठ फैलाने का काम कर रही है। चप्पलें बांटी तो उसमें भी कैंसर लेकर आ गए। केंद्रीय एजेंसी से जांच के बाद चप्पल बांटी गईं थी। जनआशीर्वाद यात्रा में सरकारी खर्च के सवाल पर उन्होंने कहा कि यात्रा को जनसमर्थन मिलने से कांग्रेस बौखला गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र में रेलवे नेटवर्क बेहतर करने पर हमारा जोर है। इसके लिए रेलवे से चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 15 साल पहले साढ़े सात लाख में सिंचाई होती थी, जिसकी क्षमता आज बढ़कर 40 लाख हो चुकी है। बुंदेलखंड में बीना- परियोजना से सवा 2 लाख एकड़ जमीन सिंचित होगी। केन-बेतवा परियोजना का लाभ प्रदेश को अधिक से अधिक मिले, इसके लिए अंतिम चरण पर बात हो रही है। इस परियोजना से साढ़े 10 लाख एकड़ जमीन में सिंचाई होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले भी चुनाव हुए लेकिन इन चुनावों में मर्यादा ने सीमा लांघ ली है। लोकतंत्र में राजनैतिक प्रतिद्वंदता और विचारों में मतभेद होता है। मध्यप्रदेश की राजनीति ने संस्कार और संस्कृति को कभी नहीं भूला, लेकिन इन चुनावों में कांग्रेस सत्ता के लिए संस्कारों को भूलकर अनर्गल और अमर्यादित आचरण कर रही है। कभी वो हमें नालायक कहते हैं तो कभी वेश्या का दर्जा देते हैं। कभी मदारी कहते हैं तो कभी जनरल डायर।
कांग्रेस ने भी कसी कमर
वहीं दूसरी तरफ चुनाव के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए जनसभाएं करने के लिए कमर कस ली है। वे शुक्रवार से 16 सितंबर तक देवसर, उमरिया, गंजबासौदा, दमोह, टीकमगढ़, लहार, मुरैना, पेटलावद, नीमच और देपालपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। कई जगह वे एक दिन में दो सभाएं लेंगे। कमलनाथ ने प्रदेश की चरमराई डॉक्टरों की व्यवस्था को दूर करने की बात कही उन्होंने चिकित्सा प्रकोष्ठ की बैठक में कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सबसे पहले प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टर्स की कमी दूर करेंगे।
सपने दिखाने वाली सरकार
कमलनाथ ने कहा कि भाजपा सपने दिखाने वाली सरकार रही है। उन्होंने कहा कि सीएम ने चुनावी साल में 40 हजार शिक्षकों को भर्ती करने की बात कही है, 2013 में भी उन्होंने इस तरह के सपने दिखाए थे। वे फिर से चुनावी साल में नौकरियों का लालीपॉप दिखाकर युवाओं को धोखा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की सच्चाई सामने आ चुकी है लेकिन अब तक कालाधन सामन नहीं आया। उन्होंने तेंदूपत्ता श्रमिकों के लिए जूता खरीदी में भी कमीशनबाजी का आरोप लगाया।