मध्य प्रदेश में जनआशीर्वाद यात्रा पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान घिरते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस मुख्यंत्री पर यात्रा के नाम पर सरकारी खजाने को पानी में बहाने का आरोप लगा रही है। अब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री की शिकायत केंद्रीय चुनाव आयोग से की है। इस शिकायत में राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र किया गया है जिसमें सरकार धन के दुरुपयोग पर वसुंधरा की गौरव यात्रा पर रोक लगाई गई है। आयोग ने कांग्रेस की शिकायत को गंभीरता से लिया है।
मध्य प्रदेश में सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस ने केंद्रीय चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री की यात्रा पार्टी के खर्च पर हो तो उसे कोई हर्ज नहीं है, लेकिन यह यात्रा सरकारी खर्च पर हो रही है। मुख्यमंत्री की यात्रा में पूरी तरह से सरकारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है। इस पर तत्काल रोक लगाई जाए। कांग्रेस की इस शिकायत को आयोग ने गंभीरता से लिया है, जिस पर आयोग की फुल बेंच फैसला लेगी।
कांग्रेस द्वारा आयोग को सौंपी गई शिकायत में सतना में जन आशीर्वाद यात्रा पर सरकारी खर्च का भी जिक्र किया गया है। इसमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी न्यू परिषद रामनगर जिला सतना के उस पत्र का जिक्र किया गया है जिसमें कलेक्टर सतना से चुनावी खर्च 6 लाख 95 हजार रुपए की स्वीकृती मांगी गई। इसी तरह के अन्य जिलों में भी सरकारी धन का उपयोग किए जाने की बात कही गई है।
केंद्रीय चुनाव आयोग को सौंपी गई शिकायत में राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले का उल्लेख किया गया है जिसमें वहां सरकार की गौरव यात्रा पर रोक लगाई गई है। इसी के अनुसार मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में हो रही सरकारी पर यात्राओं पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय विधिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विवेक तन्खा का कहना है कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा जिस तरह जन आशीर्वाद यात्रा में सरकारी धन और सरकार की योजनाओं हो रहा है, वह न्याय संगत नहीं है। उन्हें पार्टी के खर्च पर यात्रा निकालनी चाहिए।