उज्जैन के वीर भारत न्यास को कथित तौर पर एक रुपए में करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन आवंटित किए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस का अंदरूनी विवाद और गहरा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच शुरू हुई बयानबाजी अब संगठन के भीतर खुली नाराजगी में बदलती नजर आ रही है। कांग्रेस की प्रदेश महासचिव निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए दिग्विजय सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए पार्टी नेतृत्व से उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी निधि ने अपनी पोस्ट में कहा कि किसी भी वरिष्ठ नेता को प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ सार्वजनिक मंच से बयान देकर पार्टी की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी मुद्दे पर असहमति थी तो उसे संगठन के भीतर उठाया जाना चाहिए था, न कि मीडिया के सामने।
व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा संगठन पर भारी
निधि चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और पुत्र-मोह के कारण संगठन को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने बेटे जयवर्धन सिंह को आगे बढ़ाने की राजनीति में पार्टी अनुशासन की अनदेखी की जा रही है।
बीजेपी को मिल रहा राजनीतिक फायदा
फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जब कांग्रेस भाजपा और आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ संघर्ष कर रही है, तब अपने ही प्रदेश अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से कटघरे में खड़ा करना विपक्ष को मजबूत करने जैसा है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है।
2020 से राज्यसभा चुनाव तक का जिक्र
निधि ने अपनी पोस्ट में 2020 में कांग्रेस सरकार गिरने, 2023 विधानसभा चुनाव, 2024 लोकसभा चुनाव और हालिया राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार अंदरूनी खींचतान से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने इसे संगठन के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।
हाईकमान से कार्रवाई की मांग
पोस्ट के अंत में निधि चतुर्वेदी ने कांग्रेस नेतृत्व से दिग्विजय सिंह के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि संगठन की साख और कार्यकर्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए शीर्ष नेतृत्व को हस्तक्षेप करना चाहिए।
बीजेपी ने भी साधा निशाना
कांग्रेस में बढ़ते विवाद पर प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जब कांग्रेस के नेता ही दिग्विजय सिंह पर सवाल उठा रहे हैं तो पार्टी को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गुटबाजी अब खुलकर सामने आ चुकी है।
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क्या है पूरा मामला
दरअसल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि उज्जैन में वीर भारत न्यास को करीब 500 करोड़ रुपए मूल्य की सरकारी जमीन मात्र एक रुपए में आवंटित की गई। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर इस आरोप से असहमति जताई। इसी बयान के बाद कांग्रेस के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए, जिन्हें अब निधि चतुर्वेदी की पोस्ट ने और हवा दे दी।