नागरिकता कानून पर देशभर में विरोध हो रहा है। इसे लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी और शाह कहते हैं कि उनपर विश्वास करें। हम लोगों ने नोटबंदी के समय विश्वास किया था लेकिन उसका क्या नतीजा निकला। उन्होंने सरकार पर हमला करते हुए ट्वीट किए।
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'मोदी शाह कहते हैं उन पर विश्वास करो। नोटबंदी में किया था क्या नतीजा निकला? अमित शाह हिंदुस्तान के मुसलमानों को कहते हैं उन पर विश्वास करो। यदि गोधरा कांड, सोहराबुद्दीन कांड, असम की एनआरसी सूची और उनके मुसलमानों के खिलाफ बयान देखें तो क्या वे बयान और मोदी शाह के कदम मुसलमानों में विश्वास पैदा करते हैं? बिलकुल नहीं। अपने मुसलमानों के प्रति नफरत भरे बयान और कदम उठाना बंद करो मुसलमान अपने आप विश्वास करेगा।'
वहीं दिल्ली में आज विपक्ष ने नागरिकता कानून पर प्रेस कांफ्रेस की। जिसमें जामिया यूनिवर्सिटी सहित कई जगहों पर छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हिंसा को लेकर कांग्रेस पर लगे आरोप गलत हैं, कांग्रेस हिंसा नहीं करवा रही है। पूरे देश में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, देश में कई जगह इंटरनेट बंद है।
आजाद ने कहा कि जामिया में हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण हैं। जामिया यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में घुसकर छात्रों को पीटा गया। छात्रों कार्रवाई पूरी तरह गलत है। आजाद ने कहा कि वाइस चांसलर की इजाजत के बिना पुलिस जामिया यूनिवर्सिटी में प्रवेश नहीं कर सकती। अगर इजाजत नहीं मिली थी तो केंद्र सरकार के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस ने कैंपस में कैसे प्रवेश किया? हम इसकी भर्त्सना करते हैं। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।