छिंदवाड़ा जिले के परासिया के गायगोहान गांव में एक झटके में दो जिंदगियां बुझ गईं। एक बुआ, जो घर के सामने बंधी गाय को खोल रही थीं और एक भतीजा, जो उन्हें बचाने में अपनी जान गंवा बैठा। एक साथ दो मौतों से गांव में सन्नाटा पसरा है लोगों की आंखें नम हैं।
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जानकारी के अनुसार, घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे की है। 60 वर्षीय सुमरोबाई पति फग्गू यदुवंशी अपने घर के सामने बंधी गाय को खोल रही थीं। इस दौरान पास ही लगे ट्रांसफार्मर से फैले करंट ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। इससे वे जमीन पर गिर पड़ीं, कांपने लगीं और दर्द से चीख उठीं। बुआ की चीख सुनते ही घर के भीतर मौजूद उनका 27 वर्षीय भतीजा पवन पिता नेवालाल यदुवंशा बाहर दौड़ा। उसने करंट लगने से तड़प रही बुआ को खींचने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही उसने उनका हाथ पकड़ा, वह खुद भी करंट की चपेट में आ गया। इसके बाद गांव वालों और परिजनों ने दोनों को बेसुध हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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पिता की मौत से अनाथ हुए दो मासूम
पवन अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी चार साल पहले शादी हुई थी। उसके एक साल का बेटा और दो साल की बेटी है। पवन की मौत से मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। पवन खेती कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी मौत के साथ ही घर का एकमात्र कमाने वाला भी चला गया।