छिंदवाड़ा में रविवार को राजनीतिक माहौल उस समय अचानक गरमा गया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कार्यकर्ता सड़कों पर आमने-सामने आ गए। विरोध-प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़े कि कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए तीन बैरिकेड तोड़ दिए और सीधे कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के मद्देनज़र प्रशासन ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन भीड़ के बढ़ते दबाव के चलते बैरिकेड हट गए। कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहले से मौजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के विरोध का जवाब दिया। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक, आरोप-प्रत्यारोप और जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही और टकराव की आशंका भी जताई जाने लगी।
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पुतला दहन से बढ़ी गर्माहट
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाते हुए उनका पुतला दहन किया। इसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। दोनों दलों के समर्थकों के बीच नारेबाजी का दौर लंबे समय तक चलता रहा, जिससे आसपास के क्षेत्र में भी भीड़ एकत्र हो गई।
पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। दोनों पक्षों को अलग करने और भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अतिरिक्त बल मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने समझाइश देकर कार्यकर्ताओं को शांत कराया।
थाने का घेराव और प्रशासन अलर्ट
घटनाक्रम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंच गए और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर घेराव किया। कुछ समय तक थाने के बाहर भी नारेबाजी होती रही। प्रशासन ने एहतियातन कोतवाली क्षेत्र और शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है।