सिवनी जिले के पेंच नेशनल पार्क के कोर एरिया में मानसून सीजन में पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। हर साल की तरह इस बार भी 1 जुलाई से 30 सितंबर तक कोर जोन में किसी भी प्रकार की पर्यटक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सोमवार को बंदी से पहले टुरिया और कर्माझिरी गेट पर देशी और विदेशी पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन बारिश के कारण कई सफारी रद्द कर दी गईं। जो सफारी हुईं भी, उनमें वन्यजीवों की झलक पाना कठिन रहा।
अब केवल बफर जोन में होगी जंगल सफारी
कोर जोन बंद होने के बाद पर्यटक अब केवल बफर जोन में ही जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इसकी जानकारी पहले ही जारी कर दी थी, इसके बावजूद पर्यटकों की संख्या में कोई विशेष कमी नहीं आई। पेंच टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि मानसून सीजन के तीन महीनों में कोर एरिया में गश्त, बीट निरीक्षण, अपूविंग, जंगल पथों की मरम्मत और संरचनात्मक सुधार जैसे कई आवश्यक कार्य किए जाते हैं। यह समय वन्यजीवों को आराम और संरक्षण का अवसर भी प्रदान करता है।
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पर्यटकों की संख्या में इजाफा
पेंच टाइगर रिजर्व देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रजनीश सिंह के अनुसार, इस पर्यटन वर्ष में भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2020-21 में 1.03 लाख भारतीय और 190 विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि 2024-25 में 1.71 लाख भारतीय और 13,127 विदेशी पर्यटक टाइगर रिजर्व घूमने आए। आम पर्यटकों के अलावा अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर, मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे दिग्गजों के साथ-साथ हाल ही में क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव ने भी यहां सफारी का आनंद लिया था।
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कोर और बफर जोन में क्या है अंतर?
पेंच टाइगर रिजर्व के दो प्रमुख हिस्से होते हैं, जिनमें कोर और बफर जोन शामिल हैं। कोर जोन अत्यंत संरक्षित क्षेत्र, जहां वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। बफर जोन कोर क्षेत्र से सटा हुआ क्षेत्र, जहां नियंत्रित रूप से पर्यटकों को प्रवेश दिया जाता है और जंगल सफारी की अनुमति होती है। वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि सभी कोर जोन की बंदी का सम्मान करें और बफर जोन में सफारी के दौरान गाइड के निर्देशों का पालन करें। जिससे वन्यजीवों और जंगल का संतुलन बना रहे।