पुलिस ने लापरवाही के लिए सरपंच विजनबाई धुर्वे और नल चालक विशाल डिमाक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मृतक के परिजनों ने बताया कि उन्होंने कई बार तार की समस्या की शिकायत की थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। गांव में पंचायत के प्रति रोष व्याप्त है और लोग जिम्मेदारों को सजा की मांग कर रहे हैं।
ग्राम गुमतरा में बीते सितम्बर में हुए करंट हादसे में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। जांच में सामने आया है कि पंचायत की नल-जल योजना के तहत बोर तक जाने वाले बिजली के तार बिना सुरक्षा मानकों के खेतों से गुजारे गए थे। इन्हीं तार की चपेट में आने से युवक की मौत हुई थी। पुलिस ने सरपंच और नल चालक को आरोपी बनाया है।
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ये था मामला
गुमतरा गांव का वेदप्रकाश धराड़े (28) 12 सितंबर को सुबह खेत में घास काट रहा था। खेत के बीच से एक बिजली का तार गिरा हुआ था। घास काटते समय उसकी दरांती तार से छू गई। करंट का तेज झटका लगा और वेदप्रकाश वहीं गिर पड़ा। परिजन और ग्रामीण उसे उठाकर ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
जांच में सामने आई ये बड़ी लापरवाही
नल-जल योजना के लिए बोर पंप चलाने बिजली की सप्लाई की गई थी, लेकिन तार को पोल की ऊंचाई पर नहीं बांधा गया, न पाइपिंग की गई, न इन्सुलेशन लगाया गया। धीरे-धीरे तार ढीला होकर खेत में आ गिरा। जांच में माना गया कि यही मौत की वजह बना। पुलिस ने मामले में सरपंच विजनबाई धुर्वे और नल चालक विशाल डिमाक पर केस दर्ज किया है। पुलिस आगे की पूछताछ कर रही है।
जिम्मेदारों को सजा मिले
मृतक के पिता ने कहा कि हमने कई बार कहा था कि तार नीचे लटक रहे हैं। किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर सुधार हो जाता तो आज मेरा बेटा जिंदा होता। गांव में भी इस घटना के बाद पंचायत पर लोगों में नाराजगी है।
पुलिस का कहना
एएसआई अजय सल्लाम ने बताया कि जांच में लापरवाही साबित हुई है। केस दर्ज कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई प्रक्रिया में है।