जुन्नारदेव इन दिनों गहरे शोक में डूबा हुआ है। जहरीली मिठाई खाने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र सदमे में है, लेकिन इसी बीच क्षेत्रीय विधायक का जन्मदिन का जश्न अब लोगों के बीच आक्रोश का विषय बन गया है। पीड़ित परिवार पिछले तीन दिनों से मदद की गुहार लगा रहा है। परिवार की आजीविका चाय के ठेले से चलती है। इलाज, अंतिम संस्कार और अस्पताल के खर्चों ने उनकी कमर तोड़ दी है। उन्हें उम्मीद थी कि उनके जनप्रतिनिधि उनके दुख में शामिल होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
जहां मातम, वहीं ढोल-नगाड़े
सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई, जब विधायक और उनके समर्थकों ने जन्मदिन का जुलूस उसी गली से निकाला, जहां मृतकों का परिवार रहता है। गली में सन्नाटा, घरों में रोते परिजन और बाहर ढोल-नगाड़ों की गूंज... यह दृश्य स्थानीय लोगों के लिए असहनीय था।
दो लोग अभी भी गंभीर
मिठाई कांड में तीन मौतों के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ है। दो पीड़ित अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार स्थिति नाजुक बनी हुई है।
ये भी पढ़ें- Rahul Gandhi Indore Visit Live: अपनों को खोने वालों के साथ राहुल, पेयजल त्रासदी पीड़ितों से करेंगे मुलाकात
पहले नहीं मनाया जन्मदिन, अब खुला जश्न
स्थानीय लोगों को यह भी याद है कि कुछ समय पहले दवाई कांड में बच्चों की मौत के बाद विधायक ने अपने नेताजी का जन्मदिन न मनाने की बात कही थी। तब इसे संवेदनशीलता के रूप में देखा गया था। लेकिन इस बार, तीन मौतों के बावजूद विधायक ने पूरे शहर में धूमधाम से जन्मदिन मनाया, जिसे लोग दोहरे मापदंड के रूप में देख रहे हैं।
लोगों में आक्रोश
शहर में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। लोग सवाल उठा रहे हैं। क्या गरीबों की पीड़ा से ज्यादा जरूरी जश्न है? क्या जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी सिर्फ मंच और समारोह तक सीमित रह गई है? क्या पीड़ित परिवारों के लिए कोई ठोस मदद मिलेगी?
अब भी मदद का इंतजार
कुछ सामाजिक संगठनों ने सहायता की बात जरूर कही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पीड़ित परिवार को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई थी। परिवार अब भी उम्मीद लगाए बैठा है कि कोई आगे आएगा और उनके टूटे हुए जीवन को थोड़ा सहारा देगा।