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लेन-देन विवाद में मर्डर: ढाबे से बुलाकर गला घोंटा, ब्रिज के पास फेंका शव; छिंदवाड़ा हत्याकांड का खुलासा

Sun, 22 Mar 2026 09:06 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

MP: छिंदवाड़ा में कृष्ण कुमार वर्मा की हत्या पैसों के लेन-देन विवाद में की गई। आरोपियों ने ढाबे पर बुलाकर गला दबाया और शव फेंक दिया। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 फरार हैं। पढ़ें पूरी खबर

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चौरई पुलिस ने किया खुलासा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिवरखेड़ी निवासी कृष्ण कुमार वर्मा हत्याकांड में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि रुपए के लेन-देन के विवाद में आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 2 आरोपी अभी भी फरार हैं।

ढाबे पर बुलाकर की हत्या, शव ब्रिज के पास फेंका
पुलिस के अनुसार, 7 मार्च को आरोपियों ने कृष्ण कुमार वर्मा को सिहोरा स्थित एक ढाबे के पास बुलाया। यहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे कार में बैठाया और गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को चोरगांव ब्रिज के पास ले जाकर फेंक दिया। 8 मार्च को राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने शव बरामद किया था।

सीसीटीवी और कॉल डिटेल से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मृतक की कॉल डिटेल निकाली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिसमें पूरी साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपियों के बीच रुपए का लेन-देन था। बार-बार पैसे मांगने पर विवाद बढ़ गया। इसी के चलते 5 मार्च को मुख्य आरोपी अखिलेश वर्मा ने अपने साथियों शुभम उर्फ शिवा, चंद्रकांत उर्फ चंदू, मनोज विश्वकर्मा, कमलेश वर्मा और विपिन वर्मा के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

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4 आरोपी गिरफ्तार, 2 फरार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं 2 आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। फरार आरोपी में कमलेश वर्मा (पूर्व मंडल अध्यक्ष, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष का पति) और विपिन वर्मा (बाड़ीवाड़ा निवासी) शामिल है।  पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो और एक्सयूवी वाहन जब्त किए हैं। इन्हीं वाहनों में बैठाकर घटना को अंजाम दिया गया था। मुख्य आरोपी अखिलेश वर्मा पर पहले से 6-7 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आई है।

खेती और पैसों का विवाद बना कारण
जांच में यह भी सामने आया कि कमलेश वर्मा मृतक का खेत ठेके पर लेकर खेती करता था। स्कॉर्पियो की किश्त और अन्य आर्थिक लेन-देन को लेकर विवाद बढ़ता गया, जो अंततः हत्या की वजह बना। घटना के बाद परिजनों, ग्रामीणों और ओबीसी महासभा ने हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की थी। शुरुआत में कार्रवाई को लेकर सवाल उठे, लेकिन मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

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