छिंदवाड़ा जिले के सांवरी बाजार, पटनिया स्थित 132 केवी उपकेंद्र में डकैती की कहानी झूठी निकली है। बीते दिनों जूनियर इंजीनियर आदेश मर्सकोले द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में डकैती की बात कही गई थी, लेकिन पुलिस जांच में यह मामला चोरी का निकला है।
पुलिस के अनुसार, यह चोरी उपकेंद्र के ही ऑपरेटरों और गार्ड की मिलीभगत से हुई थी। उन्होंने अपनी करतूत छिपाने के लिए डकैती की झूठी कहानी रची। जूनियर इंजीनियर आदेश मर्सकोले ने 16 मार्च को सांवरी चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 15 मार्च की रात 2:30 बजे उनके उपकेंद्र के स्टोर रूम से 9 कॉपर रॉड चोरी हो गई हैं। उन्होंने बताया कि जब वे औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे तो ऑपरेटर और गार्ड बाथरूम में बंद मिले। उनके अनुसार, दो अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें डराकर बाथरूम में बंद कर दिया और रॉड चोरी कर ली। रिपोर्ट में चोरी गए सामान की कीमत 2.5 लाख रुपये बताई गई थी।
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जांच में खुला राज
पुलिस जांच में सामने आया कि यह चोरी 13 मार्च को हुई थी और इसे ऑपरेटरों व गार्ड ने मिलकर अंजाम दिया था। अपनी गलती छिपाने के लिए उन्होंने डकैती की झूठी कहानी गढ़ी थी। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि चोरी केवल 81 हजार रुपये की थी, उन्होंने इसे छिपाने के लिए झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस घटना ने एमपीईबी विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने महत्वपूर्ण उपकेंद्र में सीसीटीवी कैमरों का न होना, कर्मचारियों की मिलीभगत से चोरी होना, सुरक्षा व्यवस्था की खामियां के उजागर करते हैं। पुलिस ने ऑपरेटरों और गार्डों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।