मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में पुलिस ने मवेशी तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। धूमा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से 8 मवेशियों को बरामद किया। पुलिस के पहुंचते ही आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देशन में धूमा थाना प्रभारी शत्रुघ्न पटले के नेतृत्व में टीम ने गोटेगांव चौराहे पर नाकाबंदी की। इस दौरान एक पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने वाहन को भगाने की कोशिश की। पुलिस ने ग्राम कोहका के पास वाहन को रोका, मगर चालक और उसका साथी जंगल की ओर भागा निकले।
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बिना दस्तावेज और अमानवीय स्थिति में मिले मवेशी
जब पुलिस ने वाहन की जांच की तो पाया कि डाला हरे नेट और लकड़ी के पटियों से ढका हुआ था। वाहन में 5-7 वर्ष के 8 गोवंश क्रूरता पूर्वक रस्सियों से बंधे हुए थे। बिना चारा-पानी के इन्हें तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था और किसी भी प्रकार के आवश्यक दस्तावेज वाहन चालक के पास नहीं थे। पुलिस ने बरामद किए गए मवेशियों को सुरक्षा के लिए नागनदेवरी गौशाला में पहुंचाया। जब्त किए गए मवेशियों की अनुमानित कीमत 40 हजार आंकी गई है, जबकि पिकअप वाहन की कीमत लगभग 8 लाख बताई जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी शत्रुघ्न पटले, आरक्षक रवि यादव, जितेंद्र सोनी, अरुण यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।