जिले में स्वाइन फ्लू से 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल प्रबंधन सतर्क हो गया है। अतरवाड़ा निवासी बुजुर्ग को बुखार और सांस लेने में तकलीफ के बाद 15 सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में 23 सितंबर को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उन्हें आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर उपचार शुरू किया गया था। करीब दो सप्ताह तक चले इलाज के बाद मंगलवार अलसुबह उनकी हालत बिगड़ने से मौत हो गई।
मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने एहतियाती कदम उठाते हुए संबंधित आइसोलेशन वार्ड को सैनेटाइज कराया और फिलहाल बंद कर दिया है। वार्ड में तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों को संक्रमण से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार फिलहाल स्वाइन फ्लू का कोई नया मरीज सामने नहीं आया है।
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बता दें कि बुजुर्ग की हालत गंभीर होने के कारण अस्पताल में भर्ती के बाद से ही उनकी लगातार निगरानी की जा रही थी। स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए आइसोलेशन वार्ड में उनके उपचार की व्यवस्था की गई। मरीज की निगरानी के लिए दो डॉक्टरों की ड्यूटी भी लगाई गई थी।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक मंगलवार सुबह उपचार के दौरान मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शव को निर्धारित प्रक्रिया के तहत वाहन से अतरवाड़ा गांव भेजा। परिवार के लोगों को भी आवश्यक सावधानियों के साथ शव सौंपा गया।
सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे ने बताया कि स्वाइन फ्लू से पीड़ित बुजुर्ग मरीज ने मंगलवार सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। प्रोटोकॉल के तहत शव परिवार को सौंप दिया गया है।