छिंदवाड़ा में मोहखेड़ पुलिस ने मानसिक रूप से बीमार एक महिला को उसके बिछड़े परिवार से मिलवाकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। दरअसल, कुछ दिन पहले ग्राम बीसापुर में एक मानसिक विक्षिप्त महिला से दो लड़कों के द्वारा मारपीट की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए महिला को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया था।
मोहखेड़ टीआई महेंद्र भगत ने बताया कि महिला ने गांव के विवेक पाल नामक युवक को कुछ फेंककर मार दिया था, जिसके बाद युवक ने भी महिला की पिटाई कर दी थी। इससे उसे दाहिने पैर की पिंडली में चोट आने के कारण 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल छिंदवाडा में भर्ती कराया गया था।विवेक पाल एवं संतोष चरपे के विरूद्ध धारा-294, 323, 34 के तहत मुकदमा कायम किया गया था। विवेचना के दौरान पीड़ित मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला को महिला पुलिस स्टॉफ की सहायता से जिला अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया गया तथा पुलिस अधिकारियों द्वारा विक्षिप्त महिला से लगातार बातचीत कर मनोरोग चिकित्सक एवं महिला कर्मियों की मदद से महिला का नाम पता पूछने का प्रयास किया गया, जिसने तीन-चार दिन बाद अपना नाम सिबनिया और पिता का नाम जगन्नाथ नसीराबाद लाला की बाजार उत्तर प्रदेश बता रही थी।
मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला की फोटो और बताए गए पते पर संबंधित थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी से संपर्क कर महिला की फोटो भेजकर पता कराया गया, जो महिला का नाम रेखा पति राजेश पासवान उम्र 40 साल निवासी पिंजरी थाना उदयपुर (उ0प्र0) की होना पाया गया। जो थाना प्रभारी महोदय के निर्देशन में सहयाक उप निरीक्षक सुरेन्द्र प्रताप यादव को थाना नसीराबाद भेजकर परिजनों को लाया गया एवं रेखा पासवान को परिजनों से पहचान करवाकर सुपुर्द किया गया।
परिजनों से पता चला कि रेखा पासवान करीबन लगभग दो वर्षों से अपने घर से लापता थी, जिसकी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के नसीराबाद थाना में दर्ज कराई गई थी। मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला रेखा पासपान को परिवान जनों से मिलवाने में थाना प्रभारी महेन्द्र भगत थाना मोहखेड़, चौकी प्रभारी उमरानाला पारसनाथ आर्मो, सउनि अरविंद बघेल, सउनि सुरेन्द्र प्रताप यादव की मुख्य भूमिका रही।