छिंदवाड़ा जिले में एक 56 साल की महिला ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस महिला के पांच बेटे और एक बेटी है। इसके बावजूद एकाकी जीवन जीने को मजबूर थी, जिसके कारण नशे की भी आदि हो गई थी।
बता दें कि लगातार नशा करते हुए वह जिंदगी से हारकर ट्रेन के सामने कूद गई, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। दरअसल, अमरवती धुर्वे, काशी नगर में रहने वाली 56 साल की इस मां के छह बच्चे हैं। बेटी के विवाह के बाद पांच बेटे अपने-अपने परिवार के साथ जिंदगी की गुजर-बसर करने लगे। लेकिन मां का मन किसी के साथ नहीं लगा और वो यहां-वहां मांगकर गुजरा करने लगी।
अक्सर शराब के नशे में डूबे रहने वाली अमरवती ट्रेन से कटकर जान देने की बात करते रहती थी, आखिर में उसके साथ वही हुआ जो वो अक्सर बोलती थी। मंगलवार रात पेंचवेली पैंसेजर ट्रेन की चपेट में आने से इस महिला की मौत हो गई। जानकारी में देहात टीआई जीएस उईके ने बताया कि काशी नगर निवासी अमरवती बाई पति माखनलाल धुर्वे अक्सर यहां-वहां घूमती रहती थी और मांगकर अपना गुजरा करती थी। शराब की आदि अमरवती की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मंगलवार सुबह उसका शव पटरी किनारे पड़ा मिला। सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा लिया है, जबकि मामले में मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
किसी भी बेटे का नहीं मिला सहारा...
महिला के रिश्तेदार बताते हैं कि उसके पास पांच बेटे थे, फिर भी किसी ने भी उसे बुढ़ापे में सहारा नहीं दिया। यहां तक कि उसकी एक बेटी भी है, अलग ही कई बार बेटी ने उसे अपने साथ रखने की जिद की थी। लेकिन महिला किसी के भी पास नहीं गई और आखिरकार उसने मौत को ही गले लगाना बेहतर समझा।