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Chhatarpur News: रंग लाया ग्रामीणों का संघर्ष, झांसी-मानिकपुर रेल लाइन दोहरीकरण में मुआवजे की प्रक्रिया शुरू

Mon, 17 Mar 2025 06:52 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

ग्राम चपरन में 35 मकान रेलवे सीमा में आने के कारण प्रभावित हुए हैं, जिनके मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रेलवे विभाग द्वारा बाजार मूल्य से दोगुनी राशि मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
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झांसी-मानिकपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छतरपुर जिले के हरपालपुर में झांसी मानिकपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेलवे विभाग द्वारा नौगांव जनपद की ग्राम पंचायत सरसेड़ के गांव चपरन के बाधा बने 35 मकानों सर्वे बाद राजस्व लोकनिर्माण विभाग द्वारा मूल्यांकन करने के उपरांत नोटिस देकर मुआवजा बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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जिला कलेक्टर भूअर्जन शाखा द्वारा जारी नोटिस में रेलवे विभाग रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए चपरन गांव के प्रभावित ग्रामीणों से भूमि क्रय करेगा। इस एवज रेलवे विभाग बाजार मूल्य से दुगनी राशि का मुआवज़ा ग्रामीणों को प्रदान करेगा। झांसी मानिकपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण में चपरन गांव के 35 मकान रेल लाइन की सीमा में आ रहे हैं। मुआवज़ा वितरण के बाद इन मकानों पर रेलवे बुलडोजर चला कर जमींदोज करेगा। बीते एक वर्ष से चपरन गांव के किसानों के संघर्ष मेहनत की जीत हुई है।

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गौरतलब है कि रेलवे विभाग द्वारा चपरन गांव 46 पक्के कच्चे मकानों को अपनी सीमा में बता कर बीते वर्ष नोटिस जारी किए थे। जिसके बाद ग्रामीणों को बेघर होने का डर सता रहा था और न ही उनको भूमि का मुआवजा मिल रहा था। जिसके बाद ग्रामीणों मुआवज़ा की मांग को लेकर जिला कलेक्टर सहित सागर कमिश्नर को शिकायत आवेदन देकर उन भूमि जो राजस्व के खसरा में दर्ज है मुआवजे की मांग की।



जिसके बाद जिला कलेक्टर के निर्देश राजस्व रेलवे विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप सर्वे किया गया। साथ ही रेलवे विभाग के नक्शे और राजस्व के नक्शे के आधार पर माप की गई थी। जिस जो ग्रामीणों के मकान बने थे वो राजस्व भूमि पर निर्मित होना पाया गया। जिसके बाद राजस्व लोकनिर्माण विभाग द्वारा मकानों की सरंचना, निर्माण सामग्री, आकर और बाज़ार के मूल्य के आधार पर मुआवजे की राशि तय की गई।
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मुआवजे के लिए ग्रामीणों को जिला कलेक्टर भूअर्जन शाखा द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। मकान मालिकों से आवश्यक दस्तावेज लिए जाएंगे। जिससे मुआवजे के भुगतान में किसी भी प्रकार को देरी न हो। वहीं चपरन गांव के किसान उदयभान भदौरिया ने बताया कि उस खेती की 13 आरे ज़मीन रेलवे लाइन के दोहरीकरण में जा रही, लेकिन उसे अभी तक मुआवजे के भुगतान के लिए कोई नोटिस नहीं मिला है।

गांव के रास्ते के लिए छह माह पहले सरपंच ने दिया था आवेदन, अभी तक नहीं हुई कोई सुनवाई
झांसी मानिकपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण के काम चलते चपरन गांव के रहवासियों की भूमि का अधिग्रहण होने से गांव एक मात्र रास्ता बंद हो जाएगा। जो रेलवे ट्रैक के बगल से होकर जाता है। डबल लाइन बिछने से ये रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा। रास्ते की मांग को लेकर गांव सरचंप कल्लू प्रजापति द्वारा ग्रामीणों के साथ छह माह पहले नौगांव तहसील में आवेदन देकर रास्ते की मांग की थी, लेकिन अभी तक इस राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं कि गई है।

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