फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chhatarpur: लापरवाही पर कलेक्टर ने की कार्रवाई, तीन तहसीलदार समेत आठ अधिकारियों-कर्मचारियों पर लगा जुर्माना

Tue, 14 Jul 2026 10:49 AM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने समय-सीमा और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की है। समीक्षा बैठक में तीन तहसीलदार, दो नायब तहसीलदार और तीन पंचायत सचिवों पर आर्थिक दंड लगाया गया।
विज्ञापन
छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छतरपुर जिला प्रशासन ने लापरवाही करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में समय-सीमा (टीएल) पत्रों की समीक्षा बैठक में सख्त रुख दिखाया है।  बैठक के दौरान शासकीय कार्यों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने करारी फटकार लगाई है।
विज्ञापन


उन्होंने समय-सीमा से बाहर होने वाले प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए तीन तहसीलदारों, दो नायब तहसीलदारों और तीन पंचायत सचिवों पर सीधे आर्थिक जुर्माना (पेनल्टी) ठोक दिया है। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि लोक सेवा गारंटी और जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लापरवाही पर इन अधिकारियों और सचिवों पर लगा जुर्माना..
बैठक में लोक सेवा गारंटी के तहत समय-सीमा पार कर चुके प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने दोषी राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों पर पेनल्टी लगाई है। वहीं, पठा के नायब तहसीलदार पर 1000 रुपये व ज्यौराहा के नायब तहसीलदार पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन


जबकि राजनगर, छतरपुर और गौरिहार के तहसीलदारों पर 500-500 रुपये की पेनल्टी लगाई गई है और पठापुर, गौरैया एवं खंडवन ग्राम पंचायत के सचिवों पर भी 500-500 रुपये का जुर्माना लगा है।

पुल-पुलियों को दुरुस्त करने और मुनादी कराने के निर्देश
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने आगामी भारी बारिश के मौसम के दृष्टिगत निर्माण विभागों (पीडब्ल्यूडी, आरईएस, पीआईयू आदि) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सड़कों, पुलों और पुलियों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में अति वर्षा के पूर्व ही आवश्यक मरम्मत और तैयारियां सुनिश्चित करें।

जिले के संभावित डूब क्षेत्र वाले विकासखंडों बड़ामलहरा, बिजावर एवं बक्सवाहा में पहले से ही मुनादी कराने, प्रभावितों को सुरक्षित निकालने, उनके ठहरने के लिए आश्रय स्थल (राहत शिविर), भोजन, मेडिकल टीम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जिले के सभी जर्जर स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों का पहले से ही चिन्हांकन कर बारिश के पूर्व उनके ध्वस्तीकरण (गिराने) की कार्रवाई करने को कहा गया है।

प्राइवेट क्लीनिकों पर सरकारी डॉक्टरों के नाम की होगी जांच
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बारिश के मौसम को देखते हुए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह दुरुस्त रहनी चाहिए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती बरतने और अपने-अपने क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की 100% उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके और किसी भी केंद्र पर कानून-व्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो।

इसके साथ ही, एसडीएम को सीएमएचओ के साथ संयुक्त रूप से उन प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिकों की सघन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनके बोर्ड पर सरकारी अस्पतालों में पदस्थ डॉक्टरों के नाम दर्ज होने संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

स्कूल बसों की फिटनेस चेकिंग का निर्देश
छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कलेक्टर ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय से निजी विद्यालयों की बसों का एक सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

इस अभियान में बसों की सुरक्षा व्यवस्था, फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य निर्धारित मानकों की कड़ाई से जांच की जाएगी। नगरीय विकास की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी निकायों के सीएमओ को निर्देश दिए कि ऐसे वार्ड जहां सड़क, नाली और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है, वहां तत्काल आवश्यक विकास कार्य शुरू कराएं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि नगरीय क्षेत्रों में अब बेसमेंट निर्माण को लेकर किसी भी प्रकार की अनुमति प्रदान न की जाए और यदि कोई अवैध रूप से बेसमेंट का निर्माण करता है, तो उस पर सख्ती से भारी पेनल्टी लगाई जाए।

सीएम हेल्पलाइन इन कार्यों की समीक्षा हुई
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को त्वरित निराकरण कर जिले की ग्रेडिंग में सुधार करने को कहा। छतरपुर और गौरिहार के जनपद सीईओ को समग्र आईडी से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए गए। केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण हेतु शेष रह गए गांवों की धारा-21 के प्रकाशन की कार्रवाई तेज करने तथा कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों के सॉइल हेल्थ कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए गए।

ये भी पढ़ें- Datia By Election: भाजपा या कांग्रेस किधर रुख करेंगे नाराज चल रहे अवधेश नायक? जानें अपनी पोस्ट पर क्या लिखा

हिट एंड रन के मामलों में एसडीएम को पुलिस विभाग के समन्वय से पीड़ितों के लिए राशि स्वीकृत कराने को कहा गया। वहीं, मेडिकल कॉलेज के कार्य में फर्नीचर टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर कलेक्टर ने ईई पीआईयू  के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
विज्ञापन


बैठक में नीति आयोग के डीएमएफ फंड से संचालित कार्यों जैसे  मशरूम एवं स्ट्रॉबेरी प्रोजेक्ट, छतरपुर ऑडिटोरियम, हनी कल्टीवेशन (मधुमक्खी पालन), छतरपुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पोल्ट्री (मुर्गी पालन) के कार्यों की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। 
 

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें